Telangana: बंदी भागीरथ मामले पर CM रेवंत रेड्डी के कड़े तेवर, तत्काल SIT जांच के निर्देश, जानें पूरा मामला
Bandi Bhagirath case Telangana: CM रेवंत ने पिछले कई दिनों से पुलिस कार्रवाई में हुई देरी के लिए स्पष्टीकरण मांगा. उन्होंने साफ किया कि संवेदनशील मामलों में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में तत्काल और गहन जांच के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को यह निर्देश दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि पूरे मामले की जांच के लिए बिना किसी देरी के विशेष जांच दल गठित किए जाएं.
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक अंजनी कुमार से अब तक की निष्क्रियता के बारे में भी सवाल किया. उन्होंने पूछा कि इस महीने की 8 तारीख को शिकायत मिलने के बावजूद कोई कानूनी कदम क्यों नहीं उठाया गया. CM रेवंत ने पिछले कई दिनों से पुलिस कार्रवाई में हुई देरी के लिए स्पष्टीकरण मांगा. उन्होंने साफ कर दिया कि संवेदनशील मामलों में ऐसी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.
बंदी भागीरथ ने खुद पुलिस से किया संपर्क
दूसरी ओर, बंदी भागीरथ ने खुद करीमनगर पुलिस से संपर्क किया है. उन्होंने जिला पुलिस मुख्यालय में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. अपनी शिकायत में, भागीरथ ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ 'हनी-ट्रैप' (फंसाने) का प्रयास किया गया था. उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने अनैतिक और अवैध तरीकों का इस्तेमाल करके उन्हें फंसाने की कोशिश की. उन्होंने मांग की कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और निष्पक्ष जांच की जाए.
इन घटनाक्रमों ने पूरे तेलंगाना में राजनीतिक हलचल मचा दी है. विपक्ष के नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने शिकायत के समय और मामले पर अचानक दिए जा रहे ध्यान पर भी सवाल उठाया है. पुलिस विभाग ने अब प्रारंभिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों शिकायतों की गहन जांच की जाएगी. उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि कोई भी दोषी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसकी स्थिति या पद कुछ भी हो.
मुख्यमंत्री कार्यालय ने आधिकारिक बयान में क्या कहा
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार कानून के शासन के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. बयान में यह भी कहा गया कि जांच को प्रभावित करने या उसमें बाधा डालने का कोई भी प्रयास किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यह मामला अब जनता और मीडिया का ध्यान खींच चुका है. कई लोग इस बात पर करीब से नजर रख रहे हैं कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है.
यह याद दिलाया जा सकता है कि बंदी संजय तेलंगाना के एक प्रमुख भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री हैं. उनके बेटे, भागीरथ, पहले भी खबरों में रह चुके हैं. पुलिस ने अभी तक जांच के लिए कोई आधिकारिक समय-सीमा जारी नहीं की है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि विशेष टीमों ने सबूत इकट्ठा करना और गवाहों से पूछताछ करना शुरू कर दिया है. मीडिया में निष्क्रियता की खबरें सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने कड़ा हस्तक्षेप किया. इससे पुलिस विभाग पर जल्द और निष्पक्ष नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है. दोनों पक्षों ने न्याय की मांग की है. आने वाले दिनों में इस मामले और पुलिस की जांच के बारे में और अधिक विवरण सामने आएंगे.
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