एक्सप्लोरर

Maharashtra Politics: ठाकरे बनाम शिंदे गुट का मामला क्या 7 जजों की बेंच के पास भेजा जाएगा? SC का फैसला कल

Maharashtra News: उद्धव ठाकरे गुट की ओर से कहा गया कि अयोग्यता याचिकाओं के मामले पर नबाम रेबिया और 10वीं अनुसूची पर फिर से विचार करने का समय है. शिंदे गुट ने पुनर्विचार करने का विरोध किया.

Shinde Vs Thackeray: महाराष्ट्र के शिंदे बनाम उद्धव विवाद से जुड़े एक अहम पहलू पर शुक्रवार (17 फरवरी) को सुनवाई होगी. इस मामले को 7 जजों की बेंच को भेजने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) शुक्रवार सुबह 10.30 बजे आदेश सुनाएगा. उद्धव कैंप ने 2016 के 'नबाम रेबिया' फैसले को गलत बताते हुए यह मांग की है. इस फैसले में 5 जजों की बेंच ने कहा था कि अगर स्पीकर को पद से हटाने का प्रस्ताव लंबित है, तो वह एमएलए (MLA) की अयोग्यता पर विचार नहीं कर सकते.

इसी वजह से एकनाथ शिंदे की बगावत के दौरान महाराष्ट्र विधानसभा के तत्कालीन डिप्टी स्पीकर शिंदे गुट के 16 विधायकों को अयोग्य करार नहीं दे पाए थे. शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि अयोग्यता याचिकाओं पर विधानसभा अध्यक्ष की शक्तियों को लेकर 2016 के एक फैसले के बारे में पुनर्विचार के लिए महाराष्ट्र राजनीतिक संकट से संबंधित मामलों को सात न्यायाधीशों की पीठ के पास भेजा जाए. 

उद्धव ठाकरे गुट ने क्या कहा?

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष दलील दी कि नबाम रेबिया मामले में निर्धारित कानून पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है. सिब्बल ने कहा कि ये हमारे लिए नबाम रेबिया और 10वीं अनुसूची पर फिर से विचार करने का समय है, क्योंकि इससे बहुत नुकसान हुआ है. 

शिंदे गुट ने किया विरोध

उन्होंने दलील दी कि 10वीं अनुसूची राजनीतिक दल-बदल को प्रतिबंधित करने और रोकने का प्रयास करती है, जिसे लोकतंत्र के अस्तित्व के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में जाना जाता है. दूसरी ओर एकनाथ शिंदे गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और नीरज किशन कौल ने नबाम रेबिया पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता का विरोध किया. 

शिंदे गुट के वकीलों ने तर्क दिया कि एक अध्यक्ष को विधायकों को अयोग्य ठहराने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, जब वह खुद हटाने के प्रस्ताव का सामना कर रहा हो. साल 2016 में, पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने अरुणाचल प्रदेश के नबाम रेबिया मामले का फैसला करते हुए कहा था कि विधानसभा अध्यक्ष विधायकों की अयोग्यता की याचिका पर आगे नहीं बढ़ सकते हैं, जब खुद उनके खिलाफ उन्हें ही हटाए जाने की अर्जी लंबित हो. 

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

मामले की सुनवाई करते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली पीठ ने टिप्पणी की थी कि नबाम रेबिया (Nabam Rebia) के संबंध में दोनों विचारों के गंभीर परिणाम हैं और इसलिए ये निर्णय लेने के लिए एक कठिन प्रश्न था. ये बहुत पेचीदा संवैधानिक मसला है, जिसपर हमें फैसला करना है.

ये भी पढ़ें- 

Mumbai Bomb Threat: NCP के विधायक के नंबर का क्लोन बनाकर बम होने की दी खबर, सामने आई हैरतअंगेज कहानी

करीब 2 दशक से सुप्रीम कोर्ट के गलियारों का एक जाना-पहचाना चेहरा. पत्रकारिता में बिताया समय उससे भी अधिक. कानूनी ख़बरों की जटिलता को सरलता में बदलने का कौशल. खाली समय में सिनेमा, संगीत और इतिहास में रुचि.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

CM नहीं सिद्धारमैया, फिर भी डीके शिवकुमार से ज्यादा पावरफुल कैसे ? कर्नाटक में जलवा बरकरार, इनसाइड स्टोरी
CM नहीं सिद्धारमैया, फिर भी डीके शिवकुमार से ज्यादा पावरफुल कैसे ? कर्नाटक में जलवा बरकरार, इनसाइड स्टोरी
INDIA गठबंधन में बढ़ी दरार! लोकसभा में कांग्रेस से अलग बैठेगी डीएमके, संसद तक पहुंची सियासी नाराजगी
INDIA गठबंधन में बढ़ी दरार! लोकसभा में कांग्रेस से अलग बैठेगी डीएमके, संसद तक पहुंची सियासी नाराजगी
Aaj Ka Mausam: 19 राज्यों में आंधी-बारिश, 80 KMPH की रफ्तार से तूफानी हवाएं, देश में मानसून की एंट्री के बाद IMD की नई चेतावनी
19 राज्यों में आंधी-बारिश, 80 KMPH की रफ्तार से तूफानी हवाएं, देश में मानसून की एंट्री के बाद IMD की नई चेतावनी
TMC में अब महासंग्राम! महुआ मोइत्रा का बागियों पर तगड़ा हमला, बोलीं- 'ममता बनर्जी के नाम पर...'
TMC में अब महासंग्राम! महुआ मोइत्रा का बागियों पर तगड़ा हमला, बोलीं- 'ममता बनर्जी के नाम पर...'

वीडियोज

Breaking | Malviya Nagar Fire Update: होटल जला तो पता चला, सब मिले हैं जी! | Delhi News | Fire
Malviya Nagar Fire | Janhit: 'करप्शन' की 'आग' में पूरा परिवार खत्म! | Delhi News | Chitra Tripathi
Delhi Malviya Nagar Fire | Bharat Ki Baat: 1 परिवार, 8 जिंदगी...'सिस्टम' ने छीन ली! | Fire Accident
Sandeep Chaudhary: 'FLOP SYSTEM' की पोल-खेल Analysis! | Lavkesh Bajaj | Malviya Fire News | Delhi
Malviya Nagar Fire News | Mahadangal: कागजों मे ही कायदे कानूनहकीकत में तबाही और मौत? | Breaking

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
CM नहीं सिद्धारमैया, फिर भी डीके शिवकुमार से ज्यादा पावरफुल कैसे ? कर्नाटक में जलवा बरकरार, इनसाइड स्टोरी
CM नहीं सिद्धारमैया, फिर भी डीके शिवकुमार से ज्यादा पावरफुल कैसे ? कर्नाटक में जलवा बरकरार, इनसाइड स्टोरी
54 साल के हुए योगी आदित्यनाथ: 22 की उम्र में संन्यास, फिर महंत से मुख्यमंत्री तक का सफर, ऐसे हैं अजय सिंह बिष्ट
54 साल के हुए योगी आदित्यनाथ: 22 की उम्र में संन्यास, फिर महंत से मुख्यमंत्री तक का सफर
Aaj Ka Mausam: 19 राज्यों में आंधी-बारिश, 80 KMPH की रफ्तार से तूफानी हवाएं, देश में मानसून की एंट्री के बाद IMD की नई चेतावनी
19 राज्यों में आंधी-बारिश, 80 KMPH की रफ्तार से तूफानी हवाएं, देश में मानसून की एंट्री के बाद IMD की नई चेतावनी
मार्क बाउचर की टेस्ट वर्ल्ड XI में 3 भारतीय, कोहली-रोहित किसी को जगह नहीं, कप्तान किसे बनाया जानिए
मार्क बाउचर की टेस्ट वर्ल्ड XI में 3 भारतीय, कोहली-रोहित किसी को जगह नहीं, कप्तान किसे बनाया जानिए
HJTIHH BO Day 1 Prediction: 'है जवानी तो इश्क होना है' क्या बन पाएगी साल की 5वीं सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म? जानें- बॉक्स ऑफिस प्रीडिक्शन
'है जवानी तो इश्क होना है' क्या बन पाएगी साल की 5वीं सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म? जानें- प्रीडिक्शन
Rotten Mangoes: सावधान! मार्केट में बिक रहा सड़े और कीड़ों वाले आम का जूस, हो सकती है ये गंभीर बीमारी
सावधान! मार्केट में बिक रहा सड़े और कीड़ों वाले आम का जूस, हो सकती है ये गंभीर बीमारी
EV की वजह से इस कंपनी को तगड़ा नुकसान, 70 साल में पहली बार हुआ ऐसा
EV की वजह से इस कंपनी को तगड़ा नुकसान, 70 साल में पहली बार हुआ ऐसा
अमरूद के बाग से होगी बंपर कमाई, मॉनसून से पहले करें यह जरूरी उपाय, हाथों-हाथ बिकेगा फल
अमरूद के बाग से होगी बंपर कमाई, मॉनसून से पहले करें यह जरूरी उपाय, हाथों-हाथ बिकेगा फल
Embed widget