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सुप्रीम कोर्ट की फटकार, हर तरफ हो रहा है बच्चियों का रेप, क्या कर रही है सरकार
सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया या सोशल मीडिया पर नाबालिग रेप पीड़िताओं के इंटरव्यू या उनकी तस्वीर दिखाने पर रोक लगा दी है.

नई दिल्ली: देश भर में बच्चियों के यौन शोषण की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया या सोशल मीडिया पर नाबालिग रेप पीड़िताओं के इंटरव्यू या उनकी तस्वीर दिखाने पर रोक लगा दी है. मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज बिहार सरकार को भी कड़ी फटकार लगाई है. क्यों दे रहे थे अनुदान? पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर संज्ञान लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने बच्चियों को राहत देने के लिए कदम उठाने बात कही थी. आज इस मसले पर आगे की सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार पर नाराज़गी जताते हुए कहा, "आप बिना जांच-पड़ताल कैसे शेल्टर होम को इतने सालों से फंड दे रहे थे?" जांच में दखल नहीं जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये साफ किया कि उसका घटना की सीबीआई जांच में दखल देने का कोई इरादा नहीं है. उसकी सुनवाई पीड़ित बच्चियों को राहत पहुंचाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम तक सीमित है. न्याय मित्र के सुझाव मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त की गई वकील अपर्णा भट्ट ने सुझाव दिया:-
- बेंगलुरु का राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NIMHANS) सदमे से गुज़र रही बच्चियों की मानसिक स्थिति को देखे और राहत के लिए कदम उठाए.
- उनकी शारीरिक स्थिति को एम्स, पटना देखे और ज़रूरी इलाज करे.
- टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) बिहार सरकार के साथ मिलकर उनके पुनर्वास पर काम करे.
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Source: IOCL
























