Supreme Court: लखीमपुर खीरी के MLA जेल में रहेंगे या बाहर, आज सुप्रीम कोर्ट करेगा तय, जानें और किन केसों में है सुनवाई
Supreme Court Hearing: सुप्रीम कोर्ट में आज कई महत्वपूर्ण केस में सुनवाई है. इनमें सबसे इम्पॉर्टेंट केस पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी TMC विधायक मणिक भट्टाचार्य की याचिका पर है.

Supreme Court Important Hearing: देश का सुप्रीम कोर्ट रोज कई मामलों की सुनवाई करता है. इसमें से कुछ काफी बड़े होते हैं. इन केस पर न सिर्फ देश के पूरे मीडिया की, बल्कि आम लोगों की भी नजर रहती है. इस तरह के मामलों में आने वाले फैसलों से आम लोगों का भी सरोकार रहता है, यही वजह है कि वे भी टकटकी लगाकर इनके फैसलों का इंतजार करते रहते हैं. इसी कड़ी में आज भी सुप्रीम कोर्ट में कई मामलों की सुनवाई होगी. इनमें से कुछ प्रमुख केस इस प्रकार हैं.
1. TMC विधायक माणिक भट्टाचार्य की याचिका पर
पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी तृणमूल कांग्रेस विधायक माणिक भट्टाचार्य की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा और कोई आदेश आने की उम्मीद है. बंगाल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रहे भट्टाचार्य ने सीबीआई की तरफ से भेजे गए समन को चुनौती दी है. घोटाले के मुख्य सूत्रधारों में से एक बताए जा रहे भट्टाचार्य इसी मामले में पहले से ED की हिरासत में हैं.
2. मनोज तिवारी और विजेंद्र गुप्ता की अर्जी
बीजेपी नेता मनोज तिवारी और विजेंद्र गुप्ता की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट फैसला देगा. मामला दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की तरफ दर्ज मानहानि के मुकदमे से जुड़ा है. दिल्ली में स्कूल भवनों के निर्माण में घोटाले का आरोप लगाए जाने पर सिसोदिया ने 2019 में यह मुकदमा दर्ज करवाया था. बीजेपी नेताओं ने यह मुकदमा रद्द करने की मांग की है। दिसंबर, 2020 में दिल्ली हाई कोर्ट ने बीजेपी नेताओं की मांग ठुकरा दी थी.
3. लखीमपुर खीरी के विधायक को लेकर
यूपी के लखीमपुर खीरी में आंदोलनकारी किसानों को गाड़ी से कुचल कर मारने के आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. 26 जुलाई को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आशीष को रिहा करने से मना कर दिया था. इसके खिलाफ दाखिल अपील में कहा गया है कि सभी गवाहों को सुरक्षा दी गई है. इस बात का कोई खतरा नहीं कि आशीष मामले को प्रभावित करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने 6 सितंबर को आशीष की याचिका पर यूपी सरकार को नोटिस जारी किया था. अब यूपी सरकार को जवाब देना है.
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Source: IOCL
























