ममदानी के विरोध पर RSS की प्रतिक्रिया, सुनील आंबेकर बोले- 'भागवत का कार्यक्रम...'
न्यूयॉर्क में डॉ. मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर मेयर जोहरान ममदानी के विरोध के बाद RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने प्रतिक्रिया दी.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में होने वाले कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की आपत्ति के बाद RSS की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है. RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन एक अंतरधार्मिक आयोजन है, जिसका उद्देश्य अलग-अलग समुदायों के बीच संवाद, आपसी सम्मान और समझ को बढ़ावा देना है. उनका बयान खास तौर पर ममदानी की ओर से कार्यक्रम के समर्थन से इनकार किए जाने के बाद आया है.
सुनील आंबेकर बोले- विविध समुदायों से संवाद का मंच है कार्यक्रम
सुनील आंबेकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि न्यूयॉर्क में होने वाला यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन एक ऐसा अंतरधार्मिक आयोजन है, जहां RSS डॉ. मोहन भागवत विविध, बहुसांस्कृतिक और अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोगों से संवाद करेंगे. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम खुले संवाद और आपसी सम्मान की भावना के साथ आयोजित किया जा रहा है. आंबेकर के मुताबिक, आयोजन भारतीय परंपरा की उस सोच को दर्शाता है, जो मूल रूप से सभी का स्वागत करने और सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है.
RSS की अलग-अलग समुदायों से संवाद की पुरानी परंपरा- आंबेकर
आंबेकर ने कहा कि अलग-अलग समुदायों के साथ संवाद RSS की लंबे समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है. भारत के साथ-साथ दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भी संगठन अलग-अलग समुदायों से संपर्क और संवाद करता रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों का मकसद आपसी समझ और साझा उद्देश्य को बढ़ावा देना है. आंबेकर ने RSS के विचार और उसकी कार्यप्रणाली को जानने में रुचि रखने वाले लोगों से ऐसे खुले संवाद कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील भी की.
ममदानी ने कहा था- मैं कार्यक्रम का समर्थन नहीं करता
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार को मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर कहा था कि वह इस आयोजन का समर्थन नहीं करते. हालांकि, निजी कार्यक्रम होने के कारण इसे रद्द करने के मामले में शहर के अधिकार को लेकर उन्होंने अनिश्चितता जताई. ममदानी ने भारत को लेकर अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा था कि उनके परिवार से उन्हें भारत की ऐसी तस्वीर मिली थी, जिसमें देश को बहुलतावादी और धर्मनिरपेक्ष गणराज्य के तौर पर देखा जाता था और हर व्यक्ति के लिए जगह थी. उन्होंने कहा था कि ऐसी सोच पर आधारित आंदोलन का बढ़ना चिंताजनक है, जिसे वह बहिष्कारी मानते हैं.
29 अगस्त को मैनहट्टन में होना है कार्यक्रम
कार्यक्रम की वेबसाइट के मुताबिक, 29 अगस्त को मैनहट्टन में ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ आयोजित किया जाएगा. इसमें हिंदू-अमेरिकी समुदाय को एक मंच पर लाने के साथ अंतरधार्मिक एकता और साझा विरासत पर जोर दिया जाएगा. कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग कर रहा है. आयोजकों के अनुसार, कई हिंदू-अमेरिकी संगठन इस आयोजन से जुड़े हैं. हालांकि, मोहन भागवत की मौजूदगी और RSS के इतिहास को लेकर कुछ स्थानीय संगठनों ने कार्यक्रम पर सवाल भी उठाए हैं.
RSS ने विदेशों में संवाद बढ़ाने की बात कही
RSS ने मई में कहा था कि संगठन ने अमेरिका समेत विदेशों में कई कार्यक्रमों और यात्राओं की योजना बनाई है. संगठन के मुताबिक, इन प्रयासों का उद्देश्य RSS को लेकर बनी उन धारणाओं का जवाब देना भी है, जिनमें उसे अर्धसैनिक संगठन के तौर पर देखा जाता है और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों से जोड़ा जाता है.






















