जम्मू-कश्मीर: देश की सबसे लंबी रोड टनल का मोदी ने किया उद्घाटन, जम्मू-श्रीनगर की दूरी 30KM घटी

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में देश की सबसे लंबी रोड टनल का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. इस टनल के शुरू होने से जम्मू-श्रीनगर की दूरी 30 किलोमीटर तक घट गई है. ये टनल चेनाई से नाशरी के बीच जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे पर बनाई गई है.
टनल का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी एक रैली को भी संबोधित करेंगे. ये ट्विन ट्यूब टनल है जो 9.2 किलोमीटर लंबी है. इस दोहरी ट्यूब सुरंग पर 23 मई 2011 को काम शुरू हुआ था.
उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने सुरंग का पैदल मुआयना किया और इसके बाद सुरंग में जिप्सी की सवारी भी की.
खासियत
जम्मू-कश्मीर हाईवे पर बने 286 किलोमीटर लंबे फोर लेन हाईवे पर इस टनल के शुरू होने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा. इस टनल में फायर कंट्रोल, वेंटिलेशन, सिग्नल, कम्युनिकेशन और ऑटोमैटिक इलेक्ट्रिकल सिस्टम लगाए गए हैं. पूरी टनल को एक कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जाएगा. सुरंग में हर 75 मीटर पर हाई रिजोल्यूशन के टोटल 124 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. 3,720 करोड़ रुपए की लागत वाला यह सुरंग मार्ग निचली हिमालय पर्वत श्रृंखला में बनाया गया है.

यह सुरंग 1200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यह भारत का पहला ऐसा मार्ग होगा जो विश्व स्तरीय ‘समेकित सुरंग नियंत्रण प्रणाली’ से लैस होगा और जिसमें हवा के आवागमन, अग्निशमन, सिग्नल, संचार और बिजली की व्यवस्था स्वचालित तरीके से काम करेगी. इस मार्ग से राज्य की दो राजधानियों जम्मू और श्रीनगर के बीच सफर में ढाई घंटे कम समय लगेगा. सड़क मार्ग से चेनानी और नशरी के बीच की दूरी 41 किलोमीटर के बजाए अब 10.9 किलोमीटर ही रह जाएगी.
आईटीसीआर चिंताजनक हालात में सुरंग के अंदर मौजूद कर्मचारियों से संपर्क करके समस्या का निदान करेगा. सुरंग में हर 150 मीटर पर एसओएस बॉक्स लगें हैं. आपातकालीन स्थिति में यात्री इनका इस्तेमाल हॉट लाइन की तरह कर सकेंगे. आईटीसीआर से मदद पाने के लिए यात्रियों को एसओएस बॉक्स खोलकर बस “हेलो”बोलना होगा. एसओएस बॉक्स में फर्स्टएड का सामान और कुछ जरूरी दवाएं भी होंगे. इस सुरंग के खुल जाने से नेशनल हाईवे-1ए पर ट्रैफिक जाम कम होगा साथ ही समय और ईंधन की बचत होगी और शेष भारत से इस राज्य का संपर्क सुगम हो जाएगा. पीएम मोदी के औपचारिक उद्घाटन के बाद आईएलएंडएफएस सुरंग परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिरण (एनएचएआई) को सौंप देगी.























