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दिल्ली दंगा केस: उमर खालिद फिर पहुंचे HC, जमानत पर आज होगी सुनवाई
ट्रायल कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उमर खालिद ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है. इस मामले पर शुक्रवार को जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ सुनवाई करेगी.

आरोपी उमर खालिद ने एक बार फिर जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है.
Source : Twitter
साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश से जुड़े UAPA मामले में आरोपी उमर खालिद ने एक बार फिर जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है. ट्रायल कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी है. इस मामले पर शुक्रवार को जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ सुनवाई करेगी.
ट्रायल कोर्ट ने क्यों ठुकराई थी जमानत
4 जुलाई को ट्रायल कोर्ट ने उमर खालिद और सह-आरोपी शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थी अदालत ने कहा था कि UAPA मामलों में लंबे समय तक मुकदमा चलने के आधार पर जमानत देने के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने मामला बड़ी पीठ को भेज रखा है. ऐसे में जब तक इस कानूनी विवाद पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता अदालत इस आधार पर जमानत नहीं दे सकती.
सुप्रीम कोर्ट पहले भी नहीं दे चुका राहत
इससे पहले 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में गुलफिशा फातिमा, मीरा हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी थी. लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी होने या एक वर्ष पूरा होने के बाद, जो भी पहले हो उसके बाद शरजील इमाम दोबारा जमानत की मांग कर सकते हैं.
सुप्रीम कोर्ट में भी उठा था कानूनी विवाद
बाद में सुप्रीम कोर्ट की एक अन्य पीठ ने इस बात पर सवाल उठाए कि उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न देने वाले फैसले में KA Najeeb मामले के उस सिद्धांत का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जिसमें कहा गया था कि अगर मुकदमे में असामान्य देरी हो रही है तो UAPA जैसे मामलों में भी जमानत दी जा सकती है. इसी कानूनी मतभेद को देखते हुए मई में सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे को बड़ी पीठ के पास भेज दिया था..ताकि यह साफ हो सके कि लंबे समय तक ट्रायल लंबित रहने की स्थिति में UAPA मामलों में जमानत देने का कानूनी आधार क्या होगा.
क्या है पूरा मामला
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश को लेकर एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में आईपीसी और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत जांच चल रही है. इस केस में उमर खालिद के अलावा ताहिर हुसैन, खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, शिफा-उर-रहमान, आसिफ इकबाल तन्हा, शरजील इमाम, नताशा नरवाल, सफूरा जरगर समेत कई अन्य आरोपी हैं.
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