एक्सप्लोरर

'ममता, स्टालिन या कोई और?...' कौन संभालेगा इंडिया गठबंधन की कमान, क्या पड़ गई है दरार

शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में कांग्रेस नेताओं के बयान और लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के प्रदर्शन और इंडिया गठबंधन के नेतृत्व करने को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं.

पश्चिम बंगाल से लेकर असम तक, पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले ही कांग्रेस के भीतरखाने विरोध के सुर देखने को मिल रहे हैं. असम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया तो मणिशंकर अय्यर और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक समय के ‘मीडिया सलाहकार’ संजय बारू के ‘इंडिया गठबंधन’ का नेतृत्व बदलने की वकालत की. शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में इन नेताओं के बयान और लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के प्रदर्शन और इंडिया गठबंधन के नेतृत्व करने को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं.

'कांग्रेस की स्थिति और कठिन हो गई'

'समाना' में लिखा, "महात्मा गांधी कांग्रेस और देश के भी सर्वोच्च नेता थे. गांधी जी के भीतर (अंतरात्मा) की आवाज थी. वे उसी के अनुसार फैसले लेते थे. इसमें आध्यात्मिकता, देशभक्ति और निस्वार्थता का भाव था. आज कांग्रेस में भी ऐसी ही कई भीतर की आवाजें सुनाई दे रही हैं, इसलिए लगता है कि भीतर की आवाजों का कोलाहल मच गया है. यह स्थिति देश के लिए अच्छी नहीं है. पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले ही इन भीतर की आवाजों ने अफरा-तफरी मचा दी है. मणिशंकर अय्यर, संजय बरू, भूपेन बोरा और अन्य लोगों की भीतर की आवाजें गलत समय पर सामने आर्इं. इसके चलते कांग्रेस की स्थिति और भी कठिन हो गई."

मणिशंकर के बयान का जिक्र, केरल में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल

सामना में लिखा गया, केरल, असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी राज्यों में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. इसी बीच मणिशंकर अय्यर की भीतर की आवाज सामने आई. अय्यर कहते हैं, ‘केरल में कांग्रेस का जीतना मुश्किल है. केरल कांग्रेस में गुटबाजी है. इसलिए वाम मोर्चे के पिनाराई विजयन फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे.’ अय्यर के इस बयान ने कांग्रेस की स्थिति को और भी असहज कर दिया कि ‘विजयन की सरकार दो बार सत्ता में आई, लेकिन फिर भी जनमत उनके खिलाफ नहीं है.’ प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल जैसे नेता केरल से लोकसभा के लिए चुने गए. राहुल गांधी भी मुश्किल दौर में केरलवासी बने, लेकिन कांग्रेस विधानसभा चुनाव नहीं जीत सकी.

इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व बदलने की मांग का जिक्र

सामना में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक समय के ‘मीडिया सलाहकार’ संजय बारू और अय्यर के उन बयानों का जिक्र किया गया, जिसमें उन्होंने ‘इंडिया गठबंधन’ का नेतृत्व बदलने की बात कही. बारू ने ममता बनर्जी को सौंपने का प्रस्ताव रखते हुए कहा, ‘ममता बनर्जी विपक्षी दलों का नेतृत्व करने में अधिक सक्षम हैं. जिस तरह ममता कई मोर्चों पर लड़ रही हैं, उससे वे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर एक महिला नेता के रूप में और मजबूत हुई हैं.’ बारू ने टेलीग्राफ के लेख में यह भी लिखा है कि ‘मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के बीच जो संवाद और समन्वय था, वह राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच नहीं दिखता.’ बेशक, ये बारू के विचार हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इस भूमिका को अपना लिया है और भीतर की आवाजें कह रही हैं, ‘ममता को ‘इंडिया गठबंधन’ का नेतृत्व सौंप दो.’ 

अय्यर ने की इंडिया ब्लॉक की कमान स्टालिन को देने की मांग

संपादकीय में आगे कहा गया, उसी समय, अय्यर की भीतर की आवाज फिर से उभर आई और उन्होंने मांग की कि ‘इंडिया गठबंधन’ का नेतृत्व तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन को दिया जाए. अय्यर का मानना है, ‘राहुल गांधी भविष्य में प्रधानमंत्री बनेंगे. ऐसे समय में, इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने की जिम्मेदारी स्टालिन को दी जानी चाहिए. क्षेत्रीय दलों और उनके अधिकारों का मुद्दा स्टालिन जितना जोरदार तरीके से किसी और ने नहीं उठाया है.’ जो भी हो, महत्वपूर्ण यह है कि इंडिया गठबंधन के नेतृत्व परिवर्तन का मुद्दा फिर से उठा है."

कांग्रेस के प्रदर्शन और रणनीति पर सवाल

सामना में आगे कहा गया,  लोकसभा चुनाव के बाद ‘इंडिया गठबंधन’ का क्या हुआ? यह सवाल कई लोगों के जेहन में उठा होगा, लेकिन क्या कांग्रेस में यह सवाल उठा है? यह भी उतना ही संवेदनशील सवाल है. पश्चिम बंगाल में कांग्रेस तृणमूल के खिलाफ चुनाव लड़ेगी. केरल में वामपंथी के खिलाफ कांग्रेस चुनाव लड़ेगी। महाराष्ट्र के महानगरपालिका में कांग्रेस ने मामूली कारणों से स्वतंत्र रास्ता अपनाया. भाजपा को इसका फायदा मिला. असम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेन बोरा की भीतर की आवाज में विद्रोह झलक रहा है. यह अच्छा संकेत नहीं है. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने अच्छा माहौल बनाया. फिर भी वे बुरी तरह असफल रहे. कई सालों तक सत्ता से बाहर रहने के बाद कार्यकर्ता और राजनीतिक दल में मकड़ जाल लग जाता है और सत्ता में आने की इच्छा खो देते हैं. भले ही मोदी को २०२४ के लोकसभा चुनावों में बहुमत न मिला हो और सरकार बैसाखी के सहारे चल रही हो, लेकिन इस सरकार की मनमानी और बेकाबू नीतियों का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है. सवाल सिर्फ राजनीतिक परिदृश्य का ही नहीं, बल्कि राष्ट्र का भी है.

'ममता, स्टालिन या कोई और? फैसला लेना होगा'

चुनाव की घोषणा होते ही ‘इंडिया ब्लॉक’ को जरूर जागकर चर्चा करनी चाहिए, लेकिन समझदारी इसी में है कि सब मिलकर बैठें और अधिक सतर्कता से कुछ फैसले लें. मोदी और अन्य लोगों ने जनता को धर्म का भांग पिलाया है. इसी वजह से देश राष्ट्रपति ट्रंप का गुलाम बन गया है. लोगों को लगता होगा कि यह ईश्वर का आशीर्वाद है. ऐसे में जनता की आंखों से धार्मिक भांग के नशे को हटाने के लिए क्या कदम उठाए जाएं, यह फैसला कौन करेगा? संसद में अराजकता अलग है और देश में अराजकता अलग. जनता का अंतर्मन जागृत हो रहा है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ममता, स्टालिन या कोई और? इस पर फैसला लेना ही होगा!

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Explained: जौहर यूनिवर्सिटी विवाद में कूदे सपा नेता! मोहिबुल्लाह से लेकर अखिलेश तक, कैसे बनाया राजनीतिक मुद्दा?
जौहर यूनिवर्सिटी विवाद में खपे सपा नेता! मोहिबुल्ला से लेकर अखिलेश तक, कैसे बना राजनीतिक मुद्दा
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक का आया बड़ा बयान, बोले - 'मैं अपना उपवास...'
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक का आया बड़ा बयान, बोले - 'मैं अपना उपवास...'
CJP Protest LIVE: राहुल गांधी ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, CJP प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक बोले - जारी रहेगी भूख हड़ताल
LIVE: राहुल गांधी ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, CJP प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक बोले - जारी रहेगी भूख हड़ताल
राहुल गांधी का PM मोदी पर निशाना, 'वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे-पीटे जाते हैं'
राहुल गांधी का PM मोदी पर निशाना, 'वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे-पीटे जाते हैं'

वीडियोज

BMW F 450 GS Ride Review | The best premium bike ?
Sonam Wangchuk: एक अनशन और हिल गई थी इंदिरा सरकार! कैसे सोनम वांगचुक के पिता बने थे आंदोलन का चेहरा?
Ranbir Kapoor और Yash ने बढ़ाई Ramayana की एक्साइटमेंट
Ramayana ट्रेलर में Yash पड़े भारी, Ranbir Kapoor भी छाए
Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती.. अब अभिजीत दीपके करेंगे अनशन! कर दिया बड़ा ऐलान!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
राहुल गांधी का PM मोदी पर निशाना, 'वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे-पीटे जाते हैं'
राहुल गांधी का PM मोदी पर निशाना, 'वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे-पीटे जाते हैं'
Explained: जौहर यूनिवर्सिटी विवाद में कूदे सपा नेता! मोहिबुल्लाह से लेकर अखिलेश तक, कैसे बनाया राजनीतिक मुद्दा?
जौहर यूनिवर्सिटी विवाद में खपे सपा नेता! मोहिबुल्ला से लेकर अखिलेश तक, कैसे बना राजनीतिक मुद्दा
Monday BO Collection Live Updates: मंडे को 8 बजे तक 126 करोड़ के पार हुई 'धमाल 4', जानें- 'द ओडिसी' का कलेक्शन
Live Updates: मंडे को 8 बजे तक 126 करोड़ के पार हुई 'धमाल 4', जानें- 'द ओडिसी' का कलेक्शन
खान सर के 'जीजा' वाले बयान पर होगी कार्रवाई? BJP भड़की, पार्टी MLA ने कहा - 'बिहार में…'
खान सर के 'जीजा' वाले बयान पर होगी कार्रवाई? BJP भड़की, पार्टी MLA ने कहा - 'बिहार में…'
BCCI ला रही नया नियम! गेंदबाज ने की ऐसी हरकत तो लगेगा बैन; बल्लेबाजों के लिए ऐसा नहीं कर सकेंगी टीमें
BCCI ला रही नया नियम! गेंदबाज ने की ऐसी हरकत तो लगेगा बैन; बल्लेबाजों के लिए ऐसा नहीं कर सकेंगी टीमें
CJP के सौरभ दास से मिलने के बाद मोदी सरकार का पहला रिएक्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर हुई चर्चा?
CJP के सौरभ दास से मिलने के बाद मोदी सरकार का रिएक्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर हुई चर्चा?
'सिंहासन खाली करो, जनता...', संसद मार्च में छात्रों पर लाठीचार्ज तो भड़के कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, PM मोदी पर भी साधा निशाना
'सिंहासन खाली करो, जनता...', संसद मार्च में छात्रों पर लाठीचार्ज तो भड़के कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, PM मोदी पर भी साधा निशाना
OTT Release This Week: इस हफ्ते ओटीटी पर धमाल, रिलीज हो रही 'मुसाफिर कैफे' से 'आदर्श बाल विद्यालय' तक ये 11 धांसू फिल्में-सीरीज
इस हफ्ते ओटीटी पर मचेगा धमाल, रिलीज हो रही ये 11 धांसू फिल्में-सीरीज
Embed widget