मोहन यादव के शपथ ग्रहण में ही PM मोदी ने लिख दी थी शिवराज सिंह चौहान के कैबिनेट मंत्री बनने की स्क्रिप्ट, MP के पूर्व CM ने किया खुलासा
Shivraj Singh Book Apnapan: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक किताब लिखी है, नाम है 'अपनापन'. इस पुस्तक में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने 35 वर्षों के संबंधों और अनुभवों को साझा किया है.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक किताब लिखी है, नाम है 'अपनापन'. 26 मई को इसका विमोचन किया जाएगा. इस पुस्तक में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने 35 वर्षों के संबंधों और अनुभवों को साझा किया है. नई किताब में उन्होंने बताया कि पीएम मोदी की 'असाधारण गर्मजोशी और संवेदनशीलता' ने उन्हें 2023 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कैसे एक बड़े राजनीतिक संकट से उबारने में मदद की थी. साथ ही कैसे मोदी कैबिनेट में उनका मंत्री बनना मोहन यादव के शपथ ग्रहण में ही तय हो गया था.
'शिवराज समय निकालकर दिल्ली आओ'
शिवराज सिंह चौहान ने बताया, 'जब 2023 में मध्य प्रदेश में नई सरकार का शपथ ग्रहण चल रहा था, तब उन्होंने पीएम मोदी और सीनियर लीडर्स का मुख्यमंत्री के तौर पर स्वागत किया था. जैसे ही मोहन यादव ने शपथ ली, स्वाभाविक तौर पर उन पर सबका ध्यान चला गया. बाद में पीएम मोदी उनके पास आए थे और धीरे से कहा - शिवराज समय निकालकर दिल्ली आओ, आपसे कुछ बात करनी है. इसके 6 महीने बाद जून 2024 में वह कैबिनट मंत्री बने थे. तब पता चला कि प्रधानमंत्री ने शपथग्रहण समारोह में ही उनके लिए योजना बना ली थी.'
एमपी के पूर्व सीएम ने अपनी किताब में बताया कि जब बीजेपी ने साल 2023 में हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की तो उन्होंने सोचा कि पहले उन सीटों के कैंडिडेट के नाम घोषित किए जाएंगे, जहां बीजेपी अपेक्षाकृतक कमजोर माने मानी जा रही थी. उन्होंने लिखा, 'मेरा नाम शुरुआत में उम्मीदवारों की लिस्ट में शामिल नहीं था.'
'विपक्ष ने उड़ाया मजाक'
किताब के मुताबिक, इसी दौरान एक जनसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने एमपी में हुए विकास का जिक्र करते हुए कहा था, 'अगर हम नहीं रहे तो हमें बहुत याद किया जाएगा.' उन्होंने लिखा कि विपक्ष ने इस बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया और यह प्रचारित किया कि चौहान का राजनीतिक करियर खत्म हो गया है. चौहान ने लिखा कि विपक्ष के कुछ लोगों ने उनका मजाक उड़ाया.
कांग्रेस ने तोड़ मरोड़कर पेश किया बयान
मौजूदा कृषि मंत्री चौहान ने कहा, 'उन्होंने (विपक्ष ने) यह तक कह दिया कि मामाजी का तो राजनीतिक अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है.' चौहान ने किताब में लिखा कि कांग्रेस पार्टी ने 'गलत सूचना' को अपनी चुनावी रणनीति का मुख्य आधार बना लिया और उनके बयान को 'तोड़-मरोड़कर पेश' करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
पीएम मोदी ने किया कॉल
उन्होंने लिखा, 'शायद वो हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराना चाहते थे. मुझे भी लगा कि हमें अपने कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने और गलत धारणा को तोड़ने के लिए कुछ करना चाहिए.' केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि जब वह उस समय को याद करते हैं तो उन्हें कांग्रेस की 'मजाक उड़ाने वाली बातें' याद नहीं आतीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की 'गहरी भावनात्मक संवेदनशीलता' सामने आती है. उन्होंने कहा कि चुनाव अभियान के बीच बेहद व्यस्त होने के बावजूद भाजपा के वरिष्ठ नेता मोदी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया.
'मैं अपने शिवराज से बात कर रहा'
केंद्रीय मंत्री ने किताब में लिखा, 'उन्होंने (मोदी ने) मुझे मुख्यमंत्री के रूप में संबोधित नहीं किया. बहुत गर्मजोशी और स्नेह के साथ उन्होंने कहा, 'आज मैं मुख्यमंत्री से बात नहीं कर रहा हूं, न ही चुनावों को लेकर फोन कर रहा हूं. मैं अपने शिवराज से बात कर रहा हूं.” उन्होंने किताब में कहा कि प्रधानमंत्री ने बहुत ही नरमी से पूछा, 'आप इतने चिंतित क्यों हो? अगर आपका कोई आध्यात्मिक मार्गदर्शक या गुरु है, जिनका आप सम्मान करते हैं, तो उनके पास जाकर मार्गदर्शन लें. कुछ समय एकांत में बिताएं और अपने मन को शांत, संतुलित एवं स्थिर रखें.' चौहान ने लिखा कि उन्हें लगा कि शायद प्रधानमंत्री यह सोच रहे थे कि 'मुझे कुछ आश्वासन की जरूरत हो सकती है'.
'भाई साहब मुझे कुछ नहीं चाहिए'
केंद्रीय मंत्री ने लिखा, 'मैंने उनसे कहा, 'भाई साहब, मुझे कुछ नहीं चाहिए. मैं सिर्फ काम करना चाहता हूं.' एमपी के पूर्व सीएम के मुताबिक, इसपर पीएम मोदी ने जवाब दिया, 'नहीं शिवराज, एक-दो दिन अकेले रहिए, अपना ध्यान रखिए, अपनी मानसिक स्थिति का ख्याल रखें और फिर काम में जुट जाएं.'
भाजपा के सीनियर लीडर नेता ने लिखा, 'वह (मोदी) चाहते थे कि मैं कुछ समय के लिए रुकूं, अपने ऊपर ध्यान दूं और आंतरिक शक्ति को फिर से जागृत करुं, उनका स्नेह मेरे मन को गहराई से छू गया. जो नेता पूरे देश की जिम्मेदारियों का भार उठाए हुए हैं, वह मेरे व्यक्तिगत मानसिक हालात की भी चिंता कर रहे थे, यही वास्तविक संवेदनशीलता है.'
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'पीएम मोदी की सलाह पर गया उत्तराखंड' - शिवराज सिंह चौहान
चार बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे चौहान ने लिखा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की सलाह मान ली और उत्तराखंड चले गए. उन्होंने लिखा, 'ऋषिकेश से थोड़ी दूरी पर, मैं गंगा के किनारे एकांत में घंटों बैठा रहा. बहते पानी और अडिग पहाड़ों को देखते हुए मेरा मन धीरे-धीरे शांत होने लगा. तब मैं पूरी तरह समझ गया कि मोदी जी क्या चाहते थे. उनका स्नेह केवल व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि रणनीतिक भी था.'
26 मई को किताब का होगा विमोचन
केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि मोदी अच्छी तरह समझते थे कि अगर भ्रामक मीडिया रिपोर्टों से उनका (चौहान) मनोबल कमजोर हुआ, तो उसका असर भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी हो सकता है. नयी दिल्ली में 26 मई को पूर्व उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की मौजूदगी में इस पुस्तक का आधिकारिक रूप से विमोचन किया जाएगा.
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