कर्ण सिंह ने कहा- मनमोहन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस जल्द ले फैसला, बनें 4 वर्किंग प्रेसिडेंट
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा 25 मई को इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस जिस भ्रम और भटकाव में घिरी है उसे देखकर चिंतित हूं. उन्होंने कहा कि 25 मई को पद छोड़ने के राहुल गांधी के साहसिक फैसले का सम्मान करने के बजाए, एक महीने का वक्त उनसे इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध करने में बर्बाद किया गया.

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद पार्टी नेतृत्व को लेकर संकट की स्थिति बनी हुई है. कांग्रेस जल्द ही CWC की मीटिंग बुलाने की बात कह रही है. इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. कर्ण सिंह ने एक बयान जारी कर बगैर देरी किए नेतृत्व चयन करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता और मतदाता हतोत्साहित हो रहे हैं. कर्ण सिंह ने मौजूदा परिस्थिति से निपटने के भी उपाय सुझाए और कहा कि फिलहाल मनमोहन सिंह के नेतृत्व में फैसला लिया जाए.
पूर्व सांसद कर्ण सिंह ने कहा, ''नेतृत्व को लेकर जितने अधिक समय तक अनिश्चितता बनी रहेगी, उतने ही हमारे कार्यकर्ता और देश भर के मतदाता हतोत्साहित होंगे. इससे पहले कि बहुत देर हो जाए इस नकारात्मकता को खत्म कर देना चाहिए.''
Senior Congress leader Dr Karan Singh: I am aghast to see the confusion and disorientation into which the party has fallen since Rahul Gandhi resigned on May 25. Instead of honouring his bold decision a month was wasted pleading him to take back his resignation. 1/2 pic.twitter.com/rFeG9BQw5h
— ANI (@ANI) July 8, 2019
उन्होंने कहा, ''मैं पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक जल्द से जल्द बुलाने के लिए आग्रह करता हूं. इस बैठक में जरूरी फैसले लिए जाएं.''
कर्ण सिंह ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव तक एक अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष बनाये जाने पर फैसला लिया जाए. मेरी राय है कि चार जोन- उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के लिए चार वर्किंग प्रेसिडेंट/वाइस प्रेसिडेंट बनाए जाएं. यह युवा लोगों को पदों पर लाने के लिए ठीक होगा.
उन्होंने कहा कि 1967 में मैं कांग्रेस में शामिल हुआ था. मैं यह देखकर भौचक हूं कि 25 मई को राहुल गांधी के इस्तीफा देने के बाद से पार्टी में भ्रम और भटकाव देखने को मिल रहा है. उनके (राहुल गांधी) साहसिक फैसले का सम्मान किए जाने की बजाय, एक महीना इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाने में बेकार किया गया.
आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इस्तीफा वाला पत्र 3 जुलाई को सार्वजनिक किए.
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