छत्तीसगढ़: सरकारी शराब बिक्री का विरोध, विपक्ष ने मचाया हंगामा

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस ने शराब बंदी मामले को लेकर सदन में जमकर हंगामा मचाया जिससे सदन कार्यवाही बाधित हुई. विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य भूपेश बघेल ने राज्य में राज्य सरकार द्वारा शराब बेचने को लेकर लाए गए अध्यादेश का मामला उठाया. इस पर काम रोककर चर्चा कराए जाने की मांग की. तब संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि पहले प्रश्नकाल होने दें फिर यह मामला उठाया जा सकता है.
प्रश्नकाल के बाद बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने अब शराब बेचने का निर्णय लिया है. इस फैसले के बाद से राज्य भर में इसका विरोध शुरू हो गया है. राज्य की महिलाएं सड़क में आ गई हैं और शराबबंदी की मांग कर रही है. वहीं राज्य में इसके विरोध में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी लगायी गयी है. इधर अहिवारा क्षेत्र में राशबबंदी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं को पुलिस ने प्रताड़ित किया है.
इस दौरान लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि राज्य में शराबबंदी की मांग की जा रही है. सभी 90 विधायक प्रस्ताव पारित करें कि वह शराब को हाथ नहीं लगाएंगे. इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया.
अपने उत्तर में राज्य के वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल ने इस संबंध में लाए गए अध्यादेश का समर्थन किया और कहा कि इससे शराब के अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी.
इसके बाद भी कांग्रेस के सदस्य सदन में नारेबाजी करते रहे और राज्य में पूर्ण शराबबंदी की मांग करते रहे. तब विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी.
जब सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तब एक बार फिर कांग्रेस के सदस्यों ने राज्य में शराब बंदी की मांग फिर से शुरू कर दी. इस दौरान राज्य के वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल ने अपने जवाब में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग से पांच मीटर की दूरी तब शराब की बिक्री प्रतिबंधित की गई है. राज्य सरकार पूरी तरह से एक अप्रैल से इसका पालन सुनिश्चित करेगी.
अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने 24 जनवरी 2017 से फुटकर विक्रय के लिए एक नया कापरेरेशन गठन करने का निर्णय लिया गया है. जो एक अप्रैल से फुटकर विक्रय करेगा. जहां तक राज्यों के द्वारा शराब बेचने का सवाल है. 1981 से 1990 तक अविभाजित मध्यप्रदेश में अनुसूचित क्षेत्र में मदिरा दुकानों का संचालन शासन द्वारा किया गया है.
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद वर्ष 2001-2002 में राज्य में पांच जिलों रायपुर, दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव और महासमुंद में मदिरा दुकानें सरकार द्वारा संचालित की गई है. जिस प्रकार छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कापरेरेशन का गठन किया गया है. उसी तरह 2002 में शासन द्वारा पूर्ण स्वामित्व एवं नियंत्रित निगम छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेज कापरेरेशन को राज्य में भारत निर्मित फुटकर एवं थोक मदिरा के लिए गठित किया गया था. इस वर्ष समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में इससे राजस्व प्राप्ति लगभग 3300 करोड़ रूपए अनुमानित है. सरकार ने जगह जगह कोचियाओं के माध्यम से शराब बिक्री रोकने के लिए पूर्ण कोचियाबंदी का निर्णय लिया है.
मंत्री के बयान के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया. इसके बाद कांग्रेस के सदस्यों ने एक बार फिर नारेबाजी शुरू कर दी. जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई.
























