पाकिस्तान से बातचीत के पक्ष में RSS नेता, अब Ex-आर्मी चीफ नरवणे बोले, 'बॉर्डर पार वाले कट्टर...'
MM Naravane on Pakistan: पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे ने कहा कि विवादों का समाधान बातचीत के माध्यम से होना चाहिए, लेकिन इसका अभिप्राय यह नहीं है कि हम सैन्य बल का प्रयोग नहीं कर सकते.

भारतीय थलसेना के पूर्व प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज नरवणे ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नेता दत्तात्रेय होसबाले के पाकिस्तान के साथ बातचीत संबंधी रुख का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच मित्रता बेहतर द्विपक्षीय संबंधों को जन्म दे सकती है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत का अभिप्राय यह नहीं है कि हम सैन्य बल का प्रयोग नहीं कर सकते.
आम आदमी का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं: नरवणे
पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे ने कहा, ‘बॉर्डर के दोनों ओर आम लोग रहते हैं, जिनकी रोटी, कपड़ा और मकान जैसी समस्याएं एक जैसी हैं. आम आदमी का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. जब दोनों देशों के लोगों में मित्रता होगी, तभी दोनों राष्ट्रों में भी मित्रता होगी.’ उन्होंने कहा, ‘यह सही बात है. लोगों के बीच संपर्क महत्वपूर्ण है.’ आरएसएस के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने मंगलवार (12 मई 2026) को कहा कि पाकिस्तान के साथ गतिरोध को तोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम लोगों के बीच आपसी संपर्क है और संवाद के लिए हमेशा रास्ता खुला रहना चाहिए.
सीमा पार रहने वाले लोग कट्टर दुश्मन नहीं: नरवणे
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने भारत का विश्वास खो दिया है और अब समय आ गया है कि नागरिक समाज नेतृत्व करे. नरवणे ने कहा कि दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों का जुड़ाव होना चाहिए, चाहे वह ‘ट्रैक टू’ कूटनीति (अनौपचारिक कूटनीति)के माध्यम से हो या फिर किसी खेल आयोजन के माध्यम से. पूर्व सेनाध्यक्ष ने कहा, ‘हमारे लोगों को भी यह पता होना चाहिए कि सीमा पार रहने वाले लोग कट्टर दुश्मन नहीं हैं.
उन्होंने कहा, ‘विवादों का समाधान बातचीत के माध्यम से होना चाहिए, लेकिन इसका अभिप्राय यह नहीं है कि हम सैन्य बल का प्रयोग नहीं कर सकते. भारत शांति की भाषा बोलने वाला देश है, लेकिन जरूरत पड़ने पर हम बल प्रयोग करने से नहीं हिचकिचाएंगे.’
कांग्रेस पार्टी ने दत्तात्रेय होसबाले की टिप्पणी की आलोचना की. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सवाल उठाया कि पहलगाम हमले और अब के बीच क्या बदल गया है कि आरएसएस नेता को पाकिस्तान के साथ बातचीत की जरूरत महसूस हो रही है.
ये भी पढ़ें : तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में AIADMK के 25 विधायकों ने TVK का किया समर्थन, मच गया बवाल
Source: IOCL























