तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में AIADMK के 25 विधायकों ने TVK का किया समर्थन, मच गया बवाल
Tamil Nadu Politics: CV शनमुगम ने आरोप लगाया कि विधानसभा नेता, उप-नेता और व्हिप के चुनाव के लिए पार्टी विधायकों की जो बैठक EPS ने होने का दावा किया था, वह कभी हुई ही नहीं.

- EPS पर विधायकों को लुभाने और DMK से समर्थन की उम्मीद का आरोप।
तमिलनाडु की विधानसभा में बुधवार (13 मई, 2026) को हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान AIADMK के 25 विधायकों ने सत्ताधारी TVK का समर्थन कर दिया. इसके बाद बागी गुट के नेता CV शनमुगम ने व्हिप पर ही सवाल उठा दिया और कहा कि पार्टी के विधायकों ने एडप्पाडी पलनीस्वामी को विधायी दल का नेता बनाने की पुष्टि करने वाले किसी भी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे.
अपने आवास प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शनमुगम ने आरोप लगाया कि विधानसभा नेता, उप-नेता और व्हिप के चुनाव के लिए पार्टी विधायकों की जो बैठक EPS ने होने का दावा किया था, वह कभी हुई ही नहीं. उन्होंने कहा कि विधानसभा में AIADMK के व्हिप सी. विजय भास्कर थे और दावा किया कि पार्टी के व्हिप की नियुक्ति सीधे पार्टी के महासचिव नहीं कर सकते हैं.
TVK को समर्थन न करने का कोई प्रस्ताव पार्टी ने नहीं किया पारित
EPS ने कृष्णमूर्ति को पार्टी का व्हिप होने का दावा किया था. EPS की ओर से दिखाए गए पत्र को जाली बताते हुए AIADMK के बागी नेता ने ये दावा भी किया कि TVK का समर्थन नहीं करना है, इस विषय को लेकर भी पार्टी के भीतर ऐसा कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था.
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AIADMK की ओर से 25 विधायकों ने TVK नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का समर्थन किया है. TVK का समर्थन न करने वाले प्रस्ताव पर 47 विधायकों के हस्ताक्षर के मुद्दे पर EPS झूठ बोल रहे हैं. जैसा कि EPS ने दावा किया है उन 47 विधायकों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कब किए? उन्होंने कहा तो EPS ने स्पीकर को जो पत्र दिया था, वह जाली था.
EPS के इस दावे के संबंध में कि उनके गुट के सदस्यों ने महासचिव द्वारा नियुक्त पार्टी व्हिप के निर्देशों का उल्लंघन किया, शनमुगम ने कहा कि पार्टी विधायकों ने सी. विजय भास्कर को AIADMK का व्हिप चुना था, न कि कृष्णमूर्ति को जो EPS के दावों के विपरीत हैं.
इसके अलावा, शणमुगम ने EPS पर पलटवार करते हुए उनके इस दावे को गलत बताया कि जिन सदस्यों ने TVK के समर्थन में वोट दिया था, उन्हें मंत्रिपद का लालच दिया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि असल में EPS ने ही विधायकों को लुभाया था, क्योंकि उन्हें DMK से समर्थन मिलने की उम्मीद थी.
क्या बोले थे एडप्पाडी पलानीस्वामी?
एडप्पाडी पलानीस्वामी ने कहा था कि हम AIADMK की सरकार बनाने जा रहे हैं और DMK हमें बाहर से समर्थन देगी. उन्होंने विधायकों को मंत्री पद देने का लालच देकर अपने पाले में करने की कोशिश की. इससे पहले, AIADMK के महासचिव एडप्पाडी पलनीस्वामी ने विधानसभा में लिए जाने वाले फैसलों के मामले में पार्टी व्हिप को सर्वोच्च अधिकार मानते हुए कहा था कि कोई भी दूसरा व्यक्ति महासचिव के खिलाफ नहीं जा सकता है.
उन्होंने कहा कि हमने कृष्णमूर्ति को पार्टी व्हिप नियुक्त किया था और इस बारे में सभी विधायकों को सूचित भी कर दिया गया था. इसके बावजूद कुछ पूर्व मंत्रियों ने जो विधायक के तौर पर चुने गए थे ऐसे बयान जारी किए जो AIADMK के साथ विश्वासघात करने और राजनीतिक अनुशासन का उल्लंघन करने के बराबर थे. हमारे रुख के बारे में सूचित किए जाने के बाद भी उन्होंने घोषणा की कि वे सत्ताधारी सरकार का समर्थन करेंगे. यह पूरी तरह से कानून के खिलाफ है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन विधायकों ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया, वे लालच में फंस गए और उन्होंने पार्टी नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना की.

























