15 लाख वाले बयान पर अठालवे की सफाई, कहा- 5 साल मोदी जी और पीएम रहें तब धीरे धीरे आएगा पैसा
इससे पहले तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत की बाद राहुल गांधी की 'तारीफ' की थी. अठावले ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष अब एक परिपक्व नेता बन गए हैं. अठावले ने कहा, "'राहुल गांधी को पप्पू बोलते थे लेकिन मेरा ये सुझाव उनको है कि पप्पू नहीं आपको पापा होना चाहिए और पापा होने के लिए जल्दी शादी करनी चाहिए.

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सबके खाते में 15 लाख रुपये को लेकर बड़ा बयान दिया था. अठावले ने कहा था कि सबके खाते में धीरे धीरे 15 लाख रुपये आएंगे. केंद्र सरकार तो पैसा देना चाहती है लेकिन आरबीआई पैसा नहीं दे रहा है. अपने इस बयान पर आज उन्होंने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि मैंने यह नहीं कहा था कि पंद्रह लाख रुपये एक साथ आएंगे.
अपनी सफाई में अठावले ने कहा, "मैंने यह नहीं कहा था कि 15 लाख रुपये एक साथ खाते में आएगा. मैंने यह कहा था कि अगर मोदी सरकार को 5 साल का और वक्त दिया जाता है तो सरकार विकास के कार्यों में पैसा लगाएगी और थोड़ा थोड़ा पैसा लोगों के पास भी आएगा.''
15 लाख को लेकर पहले क्या कहा था? अठावले ने कल कहा था, ''एक दम 15 लाख नहीं होंगे लेकिन धीरे धीरे मिलेंगे. इतनी बड़ी रकम सरकार के पास नहीं है. हम आरबीआई से मांग रहे हैं लेकिन वो दे नहीं रहे. इसमें तकनीकी समस्याएं हैं. यह एक साथ नहीं हो पाएगा, लेकिन धीरे-धीरे हो जाएगा.''
अठावले ने प्रधानमंत्री मोदी की भी जमकर तारीफ की और विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ''नरेंद्र मोदी बहुत एक्टिव प्रधानमंत्री हैं. राफेल के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने क्लीन चिट दी है. इससे जुड़े सभी दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं. विपक्षियों के पास कोई मुद्दा नहीं है, तीन चार महीने में सबकी हवा निकल जाएगी. नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बनेंगे.''
हाल ही में कहा था- राहुल गांधी अब पप्पू नहीं, पापा बनना चाहिए. इससे पहले तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत की बाद राहुल गांधी की 'तारीफ' की थी. अठावले ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष अब एक परिपक्व नेता बन गए हैं. अठावले ने कहा, "राहुल गांधी को पप्पू बोलते थे लेकिन मेरा ये सुझाव उनको है कि पप्पू नहीं आपको पापा होना चाहिए और पापा होने के लिए जल्दी शादी करनी चाहिए, आपको तीन राज्यों में सफलता मिली है. राहुल गांधी जल्दी शादी करें और पापा बनने के काम करें.''
Source: IOCL
























