क्या छात्र आतंकवादी थे? AK-47 चलने पर प्रियंका गांधी का सरकार से सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सवाल किया कि क्या प्रदर्शनकारी छात्र आतंकवादी थे, जिनके खिलाफ ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया.

बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा एके-47 के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर संसद के मानसून सत्र में सोमवार को विपक्ष ने सरकार को घेर लिया. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल बेहद गंभीर मामला है. उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रदर्शनकारी आतंकवादी थे, जिनके खिलाफ बंदूकें और एके-47 जैसे हथियारों की जरूरत पड़ गई. प्रियंका ने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए अत्यधिक बल का इस्तेमाल कर रही है और इस मामले में जवाब देना चाहिए.
प्रियंका गांधी ने उठाए कई सवाल
प्रियंका गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल छात्राओं के परिवारों को फोन कर उन पर आंदोलन से दूर रहने का दबाव बनाया जा रहा है. उनका कहना था कि लोकतंत्र में छात्रों और युवाओं को अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए, न कि उन्हें डराने की कोशिश करनी चाहिए.
संसद में विपक्ष ने गृह मंत्री से मांगा जवाब
कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी इस मुद्दे को संसद में उठाया. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हुए कहा कि बिहार में प्रदर्शनकारियों के बीच एके-47 और दिल्ली में पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किस स्तर से दिया गया, इसकी जानकारी सरकार को देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को संसद में आकर पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.
मनीष तिवारी बोले- निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर घातक हथियार स्वीकार्य नहीं
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में निहत्थे और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक हथियारों का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन से निपटने के लिए पुलिस के पास चरणबद्ध प्रक्रिया होती है. पहले निषेधाज्ञा की जानकारी दी जाती है, फिर जरूरत पड़ने पर वाटर कैनन, लाठीचार्ज और आंसू गैस जैसे विकल्प अपनाए जाते हैं. गोलीबारी या अत्यधिक बल का इस्तेमाल केवल बेहद गंभीर परिस्थितियों में ही किया जाना चाहिए.
उन्होंने बिहार की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी एके-47 लेकर छात्रों के पीछे दौड़ता दिखाई देता है तो यह बेहद गंभीर मामला है. उन्होंने इसे अमानवीय बताते हुए कहा कि बिना स्पष्ट आदेश के बल प्रयोग नहीं होना चाहिए. साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की मांग की.
दीपेंद्र हुड्डा ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने दिल्ली और बिहार की घटनाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के दौरान कीलों का इस्तेमाल किया गया और पैलेट गन चलाई गई, जबकि बिहार में छात्रों के खिलाफ एके-47 दिखाई दी. उन्होंने कहा कि सरकार को बताना होगा कि इस तरह की कार्रवाई के आदेश किसने दिए.
कार्ति चिदंबरम ने पेपर लीक जांच पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि पहले भी पेपर लीक मामलों की जांच के लिए समितियां बनाई गई थीं, लेकिन उनकी रिपोर्ट और कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई. उन्होंने मांग की कि नई समितियां केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें और उनकी सिफारिशों पर ठोस कार्रवाई की जाए.
डिंपल यादव ने भी की कार्रवाई की आलोचना
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने छात्रों पर हुई कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा शासन में युवाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं. उन्होंने बिहार में एके-47 से जुड़ी घटना को बेहद निंदनीय बताया और कहा कि लोकतंत्र में लोगों की आवाज दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए.
पप्पू यादव ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई. उन्होंने सवाल किया कि क्या अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले छात्र आतंकवादी हैं या अपराधी. उन्होंने दावा किया कि बिहार में बड़ी संख्या में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे डर का माहौल पैदा हो रहा है.























