एक्सप्लोरर

मोदी सरकार से पहले भी कई बार हुई है सवर्णों को आरक्षण दिलाने की मांग, SC में नहीं बनी बात

पहली बार 1991 में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार ने इस ओर कोशिश की थी. प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए ओबीसी आरक्षण पॉलिसी में बदलाव करने का फैसला लिया था.

नई दिल्ली: देश में आरक्षण एकमात्र ऐसा विषय है जिसके सही और गलत होने पर हर रोज कहीं न कहीं चर्चा होता रहती है. हर वक्त इसको लेकर आम जिंदगी से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में आग सुलगती रहती है. अलग-अलग राजनीतिक दल वोटों के चक्कर में इसका समर्थन भी करते हैं. कई ऊंची जातियों ने भी अब आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग करना शुरू कर दिया है. संख्याबल के आधार पर जो ऊंची जातिया सरकार बदलने की क्षमता रखती है वह अपनी मांगो को लेकर सरकार पर दबाव बनाने में लगी रहती है.

अब केंद्र की मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही है. सरकार की तरफ से सदन में इसको लेकर बिल भी पेश किया गया है. ऐसे में एक बार फिर सवर्ण आरक्षण का विषय बहस का मुद्दा बन गई है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से नीचे रखी है और फिलहाल 49.5 प्रतिशत आरक्षण लागू है.

मोदी सरकार से पहले भी होती रही है सवर्णों को आरक्षण देने की बातें

1- पहली बार 1991 में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार ने इस ओर कोशिश की थी. प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए ओबीसी आरक्षण पॉलिसी में बदलाव करने का फैसला लिया था. बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट में गया तो कोर्ट ने यह कहते हुए इसे खारिज कर दिया कि आरक्षण का आधार आय व संपत्ति को नहीं माना जा सकता.

2- इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने यही कोशिश की. अगस्त, 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) का गठन किया था. इसका नेतृत्व पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी कर रहे थे. इस जीओएम का गठन आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने के लिए किया गया था. बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया. लेकिन इसके बाद एकबार फिर साल 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने एक आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने के लिए मापदंड तय करने के लिए एक आयोग का गठन किया था. हालाकि 2004 लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हार हो गई थी और यह कोशिश बी असफल रही.

3- सवर्णों को आरक्षण दिलाने की एक और कोशिश पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में हुई थी. कांग्रेस नित यूपीए -1 की सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने के विचार का पता लगाने के लिए जुलाई, 2006 में एक आयोग का गठन किया था. आयोग ने अपनी रिपोर्ट 2010 में दी लेकिन बाद में उसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका.

कोर्ट ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की कई अपीलों को खारिज किया

1- साल 2016 में जब पटेल आरक्षण आंदोलन की आग में गुजरात जल रही थी. ठीक उसी वक्त बीजेपी सरकार ने अगड़ी जातियों के आर्थिक रूप से पिछड़ों (ईबीसी) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की. आर्थिक पिछड़ेपन की सीमा 6 लाख रूपये वार्षिक पारिवारिक आय से कम तय की गई है. हालाकि आरक्षण की यह व्यवस्था जब न्यायालय पहुंची तो उसे खारिज कर दिया था.

2- राजस्थान सरकार ने 2015 में कथित ऊंची जाति के गरीबों के लिए 14 प्रतिशत और पिछड़ों में अति निर्धन के लिए पांच फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की थी. उसे भी निरस्त कर दिया गया था.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Highlights: कोलकाता पंडाल हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की मदद
Highlights: कोलकाता पंडाल हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की मदद
Delhi Protest Highlights: अभिजीत दीपके को बड़ी राहत, SEM कोर्ट दी सशर्त जमानत
Highlights: अभिजीत दीपके को बड़ी राहत, SEM कोर्ट दी सशर्त जमानत
कोलकाता पूजा पंडाल भगदड़ में 17 की मौत, PM मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
कोलकाता पूजा पंडाल भगदड़ में 17 की मौत, PM मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
कपिल सिब्बल से मिली CJP, दिया अल्टीमेटम- 'कल तक सौरव-रांका को नहीं छोड़ा तो...'
कपिल सिब्बल से मिली CJP, दिया अल्टीमेटम- 'कल तक सौरव-रांका को नहीं छोड़ा तो...'

वीडियोज

ABP News: किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने वालों की घंटी बजाओ | Ghanti Bajao
CJP Delhi Protest: अराजकता-अव्यवस्था जिम्मेदार कौन? | Gyanesh Kumar | Congress | Gyanesh Kumar
Kolkata Stampede News: कोलकाता में घायलों से अस्पताल मिलने पहुंचे शुभेंदु! | Breaking News | Puja
Janhit | Congress Protest | Gyanesh Kumar: विरोध के नाम पर 'अराजकता'..क्या सही है ? | Neha Bora
रेलवे स्टेशन पर 510 रुपए का 'घमासान' !

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हिरासत से रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने लिखा पोस्ट- ‘मुझे पता था कि...’
हिरासत से रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने लिखा पोस्ट- ‘मुझे पता था कि...’
'...तो आत्महत्या कर लेना ही बेहतर है', उद्धव ठाकरे ने क्यों कही ये बात?
'...तो आत्महत्या कर लेना ही बेहतर है', उद्धव ठाकरे ने क्यों कही ये बात?
'जेलर 2' बनी 2026 की तीसरी हाईएस्ट ग्रॉसर तमिल फिल्म, तोड़ा टॉप 7 फिल्मों का रिकॉर्ड
'जेलर 2' बनी 2026 की तीसरी हाईएस्ट ग्रॉसर तमिल फिल्म, तोड़ा टॉप 7 फिल्मों का रिकॉर्ड
पांचवां टी20 रद्द होने के बाद क्या बोले अय्यर और होप, पढ़ें भारत-वेस्टइंडीज कप्तान के बयान
पांचवां टी20 रद्द होने के बाद क्या बोले अय्यर और होप, पढ़ें भारत-वेस्टइंडीज कप्तान के बयान
कोलकाता: पूजा पंडाल हादसे में 17 लोगों की मौत
कोलकाता: पूजा पंडाल हादसे में 17 लोगों की मौत
पुराने गैजेट्स को न समझें बेकार! इन 5 तरीकों से फिर आएंगे काम
पुराने गैजेट्स को न समझें बेकार! इन 5 तरीकों से फिर आएंगे काम
UPPSC LT ग्रेड रिजल्ट जारी, 218 अभ्यर्थियों का हुआ चयन
UPPSC LT ग्रेड रिजल्ट जारी, 218 अभ्यर्थियों का हुआ चयन
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
Embed widget