'वंदे मातरम' का अपमान पड़ेगा भारी! गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में पेश करेंगे ये संशोधन बिल
अगर कोई व्यक्ति जान बूझकर राष्ट्रीय गीत के गायन का अपमान करता है या उसमें समस्या डालता है, तो उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक 2026 पेश करेंगे. यह प्रस्तावित कानून राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को भी वही कानूनी और वैधानिक सुरक्षा देगा, जो अभी राष्ट्रीय गान जन गण मन को मिलती है. अगर अब यह कानून बन जाता है कि राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकधाम अधिनियम में संशोधन करके वंदे मातरम का अपमान करना एक दंडनीय अपराध बन जाएगा.
वंदे मातरम का अपमान करने पर सजा का प्रावधान
इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति जान बूझकर राष्ट्रीय गीत के गायन का अपमान करता है या उसमें समस्या डालता है, तो उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. अब राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकधाम अधिनियम के तहत राष्ट्रीय गान का सम्मान करना जरूरी है. इसके गायन के समय लोगों को खड़ा होना पड़ता है. अपमान या बाधा डालने वाले कामों पर रोक है.
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अगर बिल विधेयक पास होता है, तो क्या होगा?
खास बात यह है कि अगर दोनों सदनों से यह विधेयक पास हो जाता है, तो वंदे मातरम का अपमान करना एक आपराधिक अपराध बन जाएगा. इससे राष्ट्रीय गीत भी उसी कानूनी दायरे में आ जाएगा. इसमें राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान जैसे अन्य राष्ट्रीय प्रतीक भी आते हैं.
दरअसल, 9 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें सरकारी कार्यक्रमों में जन गण मन और वंदे मातरम दोनों के गायन के समय जन गण मन से पहले वंदे मातरम बजाने का सख्ती से पालन करने को कहा गया है.























