राष्ट्रपति चुनाव: समाजवादी पार्टी में फिर जाहिर हो सकती है आपसी तकरार

लखनऊ: राष्ट्रपति चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी में आपसी तकरार एक बार फिर जाहिर हो सकती है. मुलायम सिंह यादव और उनके विधायक भाई शिवपाल सिंह यादव के ‘पार्टी लाइन’ से हटकर एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद के पक्ष में मतदान करने की प्रबल संभावना है.
एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों की उम्मीदवार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के समर्थन का एलान कर चुके हैं और शुक्रवार को लखनऊ के दौरे पर आयी मीरा ने इस सिलसिले में अखिलेश से मुलाकात भी की.
मुलायम कोविंद को पहले ही ‘मजबूत और अच्छा उम्मीदवार’ बताते हुए उनसे अपने मधुर सम्बन्ध जता चुके हैं. उन्होंने पिछली 20 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सम्मान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से दिये गये रात्रि भोज में शिरकत करके राष्ट्रपति चुनाव में कोविंद का ही समर्थन करने के स्पष्ट संकेत दिये थे, जबकि अखिलेश और बएसपी मुखिया मायावती इस रात्रिभोज में शरीक नहीं हुए थे.
अखिलेश के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उनके विधायक चाचा शिवपाल भी मुलायम का अनुसरण करने का खुला एलान कर चुके हैं. उनका कहना है ‘‘नेताजी (मुलायम) जो कहेंगे, वही होगा.’’ शिवपाल के वफादार कहे जाने वाले दीपक मिश्र ने कोविंद के खुले समर्थन का एलान करते हुए प्रधानमंत्री को उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने पर बधाई दी थी. हालांकि मिश्र किसी सदन के सदस्य नहीं हैं.
मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल आने वाली 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है. नये राष्ट्रपति का चुनाव 17 जुलाई को होना है.
मालूम हो कि पिछले साल सितम्बर में अखिलेश को एसपी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद पार्टी में ‘शह और मात का खेल’ शुरू हो गया था. मुलायम की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष बनाये गये शिवपाल इस खेल में अखिलेश के प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरे थे.
हालांकि गत एक जनवरी को एसपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में मुलायम को पार्टी का ‘सर्वोच्च रहनुमा’ बनाते हुए उनके स्थान पर अखिलेश को एसपी का अध्यक्ष बना दिया गया था, जबकि शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था. उसके बाद से पार्टी में दो फाड़ नजर आ रहे हैं.
Source: IOCL

























