गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द सत्तरवें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि यह दिन लोकतंत्र पर आधारित हमारे गणराज्य के उच्च आदर्शों को याद करने का अवसर है.

नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द सत्तरवें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि यह दिन लोकतंत्र पर आधारित हमारे गणराज्य के उच्च आदर्शों को याद करने का अवसर है.
बता दें कि आज मतदाता दिवस भी है, इस दिन पर बोलते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा,''सत्रहवीं लोकसभा के निर्वाचन के लिए होने वाले आम - चुनाव में हम सबको अपने मताधिकार का उपयोग करना है, हमारे आज के निर्णय और कार्यकलाप इक्कीसवीं सदी के भारत का स्वरूप निर्धारित करेंगे''
राष्ट्रपति ने आगे कहा,''यह चुनाव इस मायने में विशेष होगा कि 21 वीं सदी में जन्म लेने वाले मतदाता पहली बार मतदान करेंगे और नई लोकसभा के गठन में अपना योगदान देंगे.'' राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने कहा,'' हम सबको यह याद रखना है कि यह समय हमारे देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने और विकसित भारत के निर्माण की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है.''
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा,''देश के संसाधनों पर हम सभी का बराबर का हक है , चाहे हम किसी भी समूह के हों , किसी भी समुदाय के हों , या किसी भी क्षेत्र के हों.'' उन्होंने कहा,'' भारत की बहुलता, हमारी सबसे बड़ी ताकत है. हमारी विविधता, लोकतंत्र और विकास पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल है.''
रामऩाथ कोविंद ने कहा,''हमारे महान गणतंत्र ने एक लंबी यात्रा तय की है. लेकिन अभी हमें बहुत आगे जाना है. हमारे जो भाई - बहन विकास की दौड़ में पीछे रह गए हैं , उन सबको साथ लेकर हमें आगे बढ़ना है. 21 वीं सदी के लिए , हमें अपने लक्ष्यों और उपलब्धियों के नए मानदंड निर्धारित करने हैं.''
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