एक्सप्लोरर
सोनिया गांधी से परसों मिलेंगे 'चाणक्य' के 'दूत', बीजेपी का प्रेसिडेंट प्लान फिक्स!

नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव के लिए अब असल मायने में भाग दौड़ शुरू हो चुकी है. सुबह सरकार की तरफ से बैठक तो शाम को विपक्षी दल के नेता एकजुट हुए. राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा के लिए यूपीए ने दिल्ली में बैठक की. बीजेपी की कमेटी परसों सोनिया गांधी से मुलाकात करेगी. बीजेपी की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी और कई बड़े मंत्री शामिल हुए. बैठक लंबी चली इसलिए लग रहा है कि बीजेपी का प्रेसिडेंट प्लान फिक्स हो गया है. राष्ट्रपति चुनाव की बिसात पर बीजेपी ने अपने तीन बड़े मोहरे आगे बढ़ा दिए हैं. आज इसी सिलसिले में शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है. मुलाकात काफी देर तक चली इससे लग रहा है कि पार्टी का प्रेसिडेंट प्लान फिक्स हो गया है . राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पीएम मोदी और वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक भी हुई लेकिन विदेश दौरे पर गए जेटली बैठक में मौजूद नहीं थे. वेंकैया और राजनाथ ने पीएम को दूसरे दलों से हुई बातचीत का ब्यौरा दिया. ये भी बताया कि आगे कौन किससे बात करेगा . एबीपी न्यूज को सूत्रों से पता चला है कि - 23 जून को एनडीए उम्मीदवार का नामांकन हो सकता है - क्योंकि 25 जून से पीएम मोदी अमेरिका के दौरे पर हैं - पीएम मोदी खुद नामांकन के दौरान मौजूद रहेंगे वित्त मंत्री अरुण जेटली 17 तारीख को विदेश दौरे से लौटेंगे. इसके अगले दिन यानि 18 जून से अमित शाह की बनाई तीन सदस्यीय कमेटी एनडीए और विपक्षी दलों से बातचीत शुरू कर देगी. तब तक राजनाथ सिंह अपने स्तर पर दलों से बातचीत करेंगे. वेंकैया नायडू दक्षिण भारत की प्रमुख पार्टियों से संपर्क करेंगे. AIDMK जैसी बड़ी पार्टी को साधने का जिम्मा वेंकैया नायडू के कंधे पर है. जबकि राजनाथ सिंह शिवसेना, एनसीपी , एसपी, बीएसपी जैसे दलों से बात कर उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे. वहीं सूत्रों की माने तो अरुण जेटली जेडीयू, आरजेडी, बीजेडी जैसे दलों को अपने साथ लाने की कोशिश करेंगे. राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस नेताओं से भी बात करने का जिम्मा भी वित्त मंत्री अरुण जेटली के ही कंधों पर है. जेटली के सीधे गांधी परिवार से तो बात के संकेत नहीं है लिए लेकिन जेटली आम समहति बनाने के लिए गांधी परिवार के करीबी नेताओं को समझाने की कोशिश जरूर करेंगे . बीजेपी का दावा है कि विपक्ष की 17 पार्टी में से कुछ पार्टियां राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बीजेपी के संपर्क में हैं. AIADMK के दोनों धड़ों का भी समर्थन मिलने का दावा है. यानी साफ है कि बीजेपी अपने प्रेसिडेंट प्लान के तहत आम सहमति बनाकर आगे बढ़ने की तैयारी में है. वैसे विपक्ष भी अपनी रणनीति तैयार कर रहा है. इस बीच पार्टी के सांसद शत्रुघन सिन्हा ने बीजेपी वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को राष्ट्रपति बनाने की मांग की है, शत्रुघन सिन्हा ने ट्वीटर पर लिखा है कि आडवाणी जी आज के परिस्थिति में राष्ट्रपति पद के लिए देश की पहली और आखिरी पसंद हैं. आडवाणी जी राष्ट्रपति पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार हैं. मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि वो अपने विचारों के साथ आगे आएं और आडवाणी जी का समर्थन करें. हालांकि बीजेपी के विचार शत्रुघन सिन्हा से बिलकुल नहीं मिलते. सूत्रों की माने तो अमित शाह ने नाम तय कर लिया है और उसी नाम पर सहमति बनाने की कोशिश हो रही है. हालांकि पीएम मोदी से औपचारिक चर्चा के बाद ही नाम का एलान होगा. बीजेपी की कमेटी पहले विपक्षी पार्टी के नेताओं से बात करेगी, फिर गंभीरता से अपने साथ जोड़ने की मुहिम चलाएगी. वैसे आंकड़े पक्ष में होने के चलते पार्टी चुनाव को लेकर ज्यादा तनाव लेने की जरूरत नहीं है, लेकिन बीजेपी की कोशिश विपक्ष के उस बहाने को भी खत्म करना है कि सरकार ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए आम सहमति बनाने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए.
और पढ़ें
























