जब मोदी ने कहा- केसर का रंग, कहवा का स्वाद, सेब का मीठापन और खुबानी का रसीलापन, इसका प्रसार जरूरी है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने को ऐतिहासिक फैसला बताया.

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर से अनुचछे 370 हटाए जाने और राज्यों को दो हिस्सों में बांट और केंद्र शासित राज्य बनाने के बाद पैदा नए सूरत-ए-हाल के बीच पीएम मोदी राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कश्मीर की विशेषता का पूरे मन से वर्णन किया है और बताया कि कैसे जम्मू कश्मीर दुनियाभर में मशहूर हो सकता है और दुनिया इसके रिसोर्स से फायदा उठा सकता है.
पीएम मोदी ने बेहद ही निराले अंदाज़ में कहा कि जम्मू-कश्मीर के केसर का रंग हो या कहवा का स्वाद, सेब का मीठापन हो या खुबानी का रसीलापन, कश्मीरी शॉल हो या फिर कलाकृतियां, इसका प्रसार दुनियाभर में किए जाने का जरूरत है. उन्होंने साफ किया कि अगर ऐसा हुआ तो कश्मीर की किस्मत बदल जाएगी.
इसके साथ ही उन्होंने लद्दाख का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के ऑर्गैनिक प्रॉडक्ट्स हों या हर्बल मेडिसिन, इससे दुनिया में प्रचार प्रसार की जरूरत है. लद्दाख की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि केंद्र शासित राज्य बन जाने के बाद अब लद्दाख के लोगों का विकास होगा. इसके साथ ही भारत सरकार की विशेष जिम्मेदारी है कि स्थानीय प्रतिनिधियों, लद्दाख और कारगिल की डवलपमेंट काउंसिल्स के सहयोग से केंद्र सरकार, विकास की तमाम योजनाओं का लाभ अब और तेजी से पहुंचाए.
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