पीएम मोदी ने अपने प्रिंसिपल सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्रा को प्रधानमंत्री आवास पर दिया फेयरवेल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास पर नृपेंद्र मिश्रा के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया. मिश्रा ने पिछले हफ्ते अपना पद छोड़ दिया था, वे 2014 से प्रधानमंत्री कार्यालय में थे.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक समारोह में अपने प्रिंसिपल सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्रा को विदाई दी और उन्हें एक अनमोल खजाना बताया. मिश्रा ने पिछले हफ्ते अपना पद छोड़ दिया था. विदाई समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री मौजूद थे. प्रधानमंत्री के सरकारी आवास पर नृपेंद्र मिश्रा के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया.
पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ''हमने आज मेरे आवास पर श्री नृपेंद्र मिश्रा जी के लिए शानदार विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया. नृपेंद्र जी ने मेरा तब मार्गदर्शन किया जब मैं दिल्ली में नया था.'' प्रधानमंत्री ने मिश्रा को ऐसा अफसर बताया जो यह जानता है कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था कैसे काम करती है और उनमें मानवीय आधार पर बड़ी से बड़ी समस्या को हल करने की क्षमता है.
We had a wonderful farewell programme for Shri Nripendra Misra Ji at my residence today. Nripendra Ji guided me when I was new to Delhi. He is an officer who understands how India’s democratic system works and is blessed with great conflict resolution skills with a human touch. pic.twitter.com/IRdMSIhTOW
— Narendra Modi (@narendramodi) September 9, 2019
बता दें कि नृपेंद्र मिश्रा ने पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की थी और सरकार ने इस बारे में पिछले हफ्ते ऐलान किया था. मोदी ने उनसे दो हफ्ते तक पद पर बने रहने को कहा था. प्रधानमंत्री ने अपने कार्यालय में पिछले शुक्रवार को पूर्व कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा को विशेष कार्य अधिकारी के पद पर नियुक्त किया था. मिश्रा 2014 से प्रधानमंत्री कार्यालय में थे.
कौन हैं नृपेंद्र मिश्रा? उत्तर प्रदेश कैडर के 1967 बैच के आईएएस नृपेंद्र मिश्रा 2006-2009 तक ट्राई के चेयरमैन भी रहे. इससे पहले वे टेलिकॉम सचिव और वित्त मंत्रालय में भी सेवाएं दे चुके हैं. मिश्रा की अध्यक्षता में 2007 में ट्राई ने सिफारिश की थी कि स्पेट्रम की नीलामी की जानी चाहिए. उस वक्त की यूपीए सरकार ने उनकी सिफारिश को नजरअंदाज कर दिया था. उत्तर प्रदेश के रहने वाले मिश्र राजनीति शास्त्र और लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर हैं. अनुभव और कार्यकुशलता के अलावा उन्हें राष्ट्रवादी सोच का अधिकारी भी माना जाता है. नृपेंद्र मिश्रा को 11 जून 2019 को सेवा विस्तार दिया गया था और उस समय उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था.






















