अब पंजाब में 'रूठे' बीजेपी के सहयोगी, सिरसा ने शाह से कहा- दखल दें नहीं तो हो सकता है टकराव
पंजाब में बीजेपी अकाली गठबंधन को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सिरसा का ये बयान बेहद अहम है.

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में शिवसेना और उत्तर प्रदेश में ओपी राजभर की पार्टी के बगावती तेवर के बाद अब बीजेपी को एक और सहयोगी दल ने आंखें दिखाई हैं. पंजाब ने अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट कर कहा है कि गुरुद्वारों में केंद्र का हस्तक्षेप बीजेपी और अकाली दल के बीच टकराव ला सकता है. इसके साथ ही सिरसा ने अमित शाह से इस मामले में दखल देने को भी कहा है.
सिरसा ने ट्वीट किया, ''केंद्रीय सरकार द्वारा गुरुद्वारों में लगातार व्यवधान उत्पन्न करने की वजह से भारत और पूरी दुनिया में अल्पसंख्यक सिखों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है. चाहे वो पटना साहिब हो या हुजूर साहिब. मैं अमित शाह से अनुरोध करता हूं कि इससे पहले ये मुद्दा बीजेपी और अकाली दल के बीच टकराव की वजह बने इस ओर ध्यान दें.''
There is strong insecurity among minorities esply Sikhs resulting in resentment all across India & world bcos of incessant interference by Central Gov in Gurdwaras, be it Patna Sahib or Hazoor Sahib I urge @AmitShah Ji to address this issue before it creates rift btw BJP & SAD
— Manjinder S Sirsa (@mssirsa) January 29, 2019
बता दें कि पंजाब में बीजेपी अकाली गठबंधन को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सिरसा का ये बयान बेहद अहम है. अनुमान है कि लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी-अकाली गठबंधन अच्छा नहीं करेगा. एबीपी न्यूज़ के सर्वे 'देश का मूड' में भी इसी तरह के संकेत मिले थे.
सर्वे के मुताबिक इस बार पंजाब में कांग्रेस शानदार स्थिति में दिख रही है. उसको 44 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान दिखाई दे रहा है. वहीं बीजेपी का वोट शेयर राज्य में 34.7 प्रतिशत है जो पिछली बार 8.70 प्रतिशत से कई ज्यादा है. इस बार पंजाब की 13 लोगसभा सीटों में से 12 सीटों पर यूपीए कब्जा करती हुई दिख रही है जबकि एक सीट एनडीए के हिस्से में जा रही है. यहां भी आम आदमी पार्टी का खाता नहीं खुल रहा है.
























