मुस्लिम छात्र ने गीता पर आयोजित क्विज में जीता पहला पुरस्कार, कहा सभी धर्म एक है
कर्नाटक की राजधानी बैंगलुरू में सर्व धर्म सदभाव की एक नई मिशाल देखने को मिली है. वहां इस्कॉन के द्वारा आयोजित भगवद गीता पर क्विज प्रतियोगिता में एक मुस्लिम लड़के ने पहला पुरस्कार जीता है.

बैंगलुरू: कर्नाटक की राजधानी बैंगलुरू में सर्व धर्म सदभाव की एक नई मिसाल देखने को मिली है. वहां इस्कॉन के द्वारा आयोजित भगवद गीता पर क्विज प्रतियोगिता में एक मुस्लिम लड़के ने पहला पुरस्कार जीता है. प्राइज जीतने वाले छात्र शेख मोहिउद्दीन का कहना है कि धर्म के नाम पर लड़ने वाले लोग मुझे पसंद नहीं हैं. छात्र का कहना है कि हमारे धार्मिक ग्रंथ ज्ञान के सागर हैं और इनका अध्ययन कर कोई भी व्यक्ति जीवन के सही रास्ते पर चल सकता है.
छात्र ने यह भी कहा कि हमें धर्म, जाति और सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर किसी से भी भेदभाव नहीं करना चाहिेए. छात्र के टीचर का कहना है कि शेख मोहिउद्दीन ने स्कूलों के स्तर पर अनेक प्राइज जीते हैं, लेकिन यह प्राइज जीतना उसके लिए बेहद खास है. उसके स्कूल के प्रिंसिपल भी अपने छात्र की इस उपलब्धि पर बेहद खुश हैं. उनका कहना है कि सभी को एक-दूसरे के धर्म की मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए.
प्रिंसिपल ने कहा कि एक मुस्लिम छात्र का भगवद गीता पर हुए क्विज में फर्स्ट पुरस्कार जीतना हमारे लिए बेहद खास है. क्विज में भगवद गीता से संबंधित अनेक सवाल पूछे गए. क्विज में भगवान कृष्ण की जीवनी, उनके दिए उपदेश के बारे में सवाल पूछे गए. प्राइज जीतने पर छात्र का कहना है कि भगवद गीता जीवन में मार्गदर्शक का काम करती है. जीतने भी धार्मिक ग्रंथ हैं उनमें हमें सिखाया जाता है कि अपने माता-पिता, टीचर का सम्मान करना चाहिेए और हमेशा शांतिपूर्ण और खुशियों से भरपूर जीवन का आनंद लेना चाहिए.
छात्र ने कहा कि सभी धर्म एक हैं और आजादी से पहले हम सभी यहां शांति और सदभाव के साथ अपने देश में रहते थे. मोहिउद्दीन की मां बेटे के फर्स्ट प्राइज जीतने पर बेहद खुश हैं. उनका कहना है कि मैं चाहती हूं कि मेरा बेटा सभी धर्मों के बारे में समान रूप से जानें.
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