मुंबई पुलिस के पूर्व ज्वाइंट कमिश्नर हिमांशु राय ने गोली मारकर खुदकुशी की
आईपीएस हिमांशु राय आत्हत्या: 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हिमांशु राय मुंबई एटीएस के चीफ भी रहे हैं. मुंबई पुलिस में हिमांशु राय का शुमार एक तेज तर्रार और काबिल अफसर में होता था.

मुंबई: मुंबई पुलिस के पूर्व ज्वाइंट कमिश्नर हिमांशु राय ने खुदकुशी कर ली है. एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस रहे हिमांशु राय ने गोली माकर अपनी जान दे दी. उन्होंने अपने घर पर खुदकुशी की. बताया जा रहा है कि उन्होंने मुंह में रिवॉल्वर डालकर गोली दागी. वो काफी समय से बीमार थे. उन्हें ब्लड कैंसर था.
1988 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हिमांशु राय मुंबई एटीएस के चीफ भी रहे हैं. उन्होंने मुंबई के नामी कॉलेज सेंट जेवियर कॉलेज से पढ़ाई की थी.
मुंबई पुलिस में हिमांशु राय का शुमार एक तेज तर्रार और काबिल अफसर में होता था. उनके नाम कई अति संवेदनशील और महत्वपूर्ण केस को हल करने का श्रेय जाता है. अंडरवर्ल्ड सरग़ना दाऊद इब्राहीम के भाई इकबाल कासकर के ड्राइवर आरिफ पर हुई फायरिंग का केस हो जे डे मर्डर केस, उन्होंने इस अपने आखिरी अंजाम तक पहुंचाया. लैला खान मर्डर की गुत्थी भी इन्होंने ही सुलझाई थी.
कौन थे हिमांशु रॉय?
हिमांशु रॉय डायरेक्टर जनरल रैंक के आईपीएस अधिकारी थे. हिमांशु क्राइम ब्यूरो और आतंकवाद विरोधी दस्ते के चीफ भी रह चुके थे. 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय का नाम 2013 में स्पॉट फिक्सिंग मामले में बिंदु दारा सिंह की गिरफ्तारी, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर के ड्राइवर आरिफ के एनकाउंटर, पत्रकार जेडे हत्या प्रकरण, लैला खान डबल मर्डर केस जैसे अहम मामलों से जुड़ा रहा. हिमांशु से आंतक से जुड़े कई मामलों का भी पर्दाफाश किया था.
कैंसर से पीड़ित थे हिमांशु
जानकारी के मुताबिक, पूर्व ATS प्रमुख हिमांशु रॉय कैंसर से पीड़ित थे. बताया जा रहा है कि अप्रैल 2016 से उन्होंने मेडिकल लीव ले रखी थी. ATS प्रमुख रहते हुए हिमांशु रॉय ने पहली बार साइबर क्राइम सेल स्थापित किया था.
आपको बता दें कि अंडरवर्ल्ड कवर करने वाले पत्रकार जे डे की हत्या की गुत्थी सुलझाने में हिमांशु रॉय ने अहम भूमिका निभाई थी. तो वहीं हिमांशु के कार्यकाल में ही मुंबई हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.
अरीब मजीद नामक युवक जो IS में शामिल होने जा रहा था उसे भी हिमांशु के कार्यकाल में ही वापस देश लाया गया था.
Source: IOCL























