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जयललिता: शम्मी कपूर थे फेवरेट एक्टर, नारी कॉन्ट्रैक्टर पर था पहला क्रश
नई दिल्ली: अपने राजनीतिक करियर के दौरान जयललिता बहुत कम बार किसी के सवालों से मुखातिब हुईं थी. हालांकि, सिमी ग्रेवाल उनसे ये मौका चुरा पाने में कामयाब रहीं. साल 1999 में सिमी ग्रेवाल के मशहूर टॉक शो में जयललिता ने अपनी जिंदगी उन पलों, घटनाओं और यादों को समेटा और लोगों के सामने रखा.
आइए जानें उस इंटरव्यू से मिली जयललिता की ज़िंदगी की वो यादें जो आज भी हर कोई जानना चाहेगा
- सिमी: आपके चेहरे पर डर, गुस्सा और किसी भी तरह के इमोशन नजर क्यों नहीं आते? एक इंसान के चेहरे पर ऐसा ऐसा होना लाजमी है!
- जयललिता: जी हां बिलकुल, मैं सब की तरह एक इंसान ही हूं. मैंने भी अपनी जिंदगी में इन तमाम तहर के भावनाओं का अनुभव किया है, मगर जब आप एक लीडर होते हैं तब आपको उन इमोशन्स को कंट्रोल करना सीखना चाहिए. आपको सीखना चाहिए कि आप कैसे अपने इमोशन को लोगों के सामने जाहिर नहीं करें.
- सिमी: आपको क्या लगता है पॉलीटिक्स ने आपको एक ऐसा इंसान बनने पर मजबूर कर दिया?
- जयललिता: जी बिलकुल, मैं बिलकुल भी ऐसी नहीं थी. शुरुआती दौर में मैं बहुत शर्मीली थी. अजनबी लोगों से मिलने से डरती थी. मैं उन लोगों में खुद को शुमार करती थी जो लाइमलाइट से नफरत करते हैं.
- सिमी: आपका पहला क्रश कौन था?
- जयललिता: मैं जब छोटी थी तब क्रिकेट का टेस्ट मैच देखने जाया करती थी. उस वक्त मैं नारी कॉन्ट्रैक्टर (क्रिकेट खिलाड़ी) को पसंद करती थी. इसके बाद मुझे शम्मी कपूर पर भी बहुत ज्यादा क्रश था. मगर हमारी कभी मुलाकात नहीं हुई.
- सिमी: आपके पसंदीदा गाने और फिल्म कौन हैं?
- जयललिता: मेरी पसंदीदा फिल्म्स में शम्मी कपूर की फिल्म 'जंगली' है. उस फिल्म का 'याहू...' सॉन्ग मुझे काफी अच्छा लगता है. इसके अलावा फिल्म 'दो आखें बारह हाथ' का सॉन्ग 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम', 'आ जा सनम मधुर चांदनी से हम' भी काफी पसंद है.
- सिमी: आपने अपनी जिंदगी में 125 से भी ज्यादा फिल्में की हैं. आज के दौर में आप उस वक्त को कैसे देखती हैं?
- जयललिता: मैं अपने वक्त में साउथ की नंबर 1 स्टार थी और काफी सक्सेसफुल भी थी. मगर मैंने किसी भी चीज को करने का निर्णय लिया है, फिर चाहे मैं उसे पसंद करूं या नहीं, मैं खुद को उस के लिए पूरी तरह से लगा देती हूं. इसके बावजूद भी मैं अपने फिल्मी करियर को नापंसद करती थी जिस वक्त मैं बुलंदियों पर थी.
- सिमी: आपकी जिंदगी तब बदल गई जब एमजीआर आपकी जिंदगी में आए. आपने उनके साथ 28 फिल्में कीं. फिर आप पॉलीटिक्स में आईं. क्या आपको उनसे प्यार हो गया था?
- जयललिता: मैं सोचती हूं कि उन (एमजीआर) से मिलने के बाद हर कोई प्यार करने लगेगा. वो काफी केयरिंग थे. मेरी मां के मरने के बाद उन्होंने मेरी मां की तरह मुझे संभाला. इसलिए वो मेरे लिए सबकुछ थे. मेरे मां-पिता, दोस्त, फिलॉसफर, गाइड सब कुछ थे.
- सिमी: आपने शादी क्यों नहीं की?
- जयललिता: मैं शादी करना चहती थी. लेकिन ऐसा जरूरी भी तो नहीं कि सब को हर कुछ मिल जाए. मैंने अपनी जिंदगी में बहुत से टूटते रिश्ते देखे. इसके बावजूद मुझे ऐसा कोई मिला नहीं जिस से मैं शादी कर सकूं. शादी नहीं करने का फैसला में मेरी जिंदगी का एक अहम फैसला था.
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