मणिपुर में सरकार बनते ही फिर भड़की हिंसा, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प, ये वजह आई सामने
Manipur Violence: कुकी समूहों ने अपने समुदाय के विधायकों को मणिपुर सरकार गठन में भाग नहीं लेने की चेतावनी दी. नई सरकार का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें भी हुई.

मणिपुर में नए सीएम के शपथग्रहण के बाद गुरुवार (5 फरवरी 2026) को फिर से उपद्रव शरू हो गया. राज्य के चुराचांदपुर जिले में नई सरकार को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद तुइबोंग इलाके में तनाव का माहौल बना हुए है. पूरे दिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, जिस वजह से प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण झड़पें हुईं. हालात और न बिगड़े इसे लेकर क्षेत्र में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है.
कुकी समुदाय ने जारी की चेतावनी
कुकी समूहों ने अपने समुदाय के विधायकों को मणिपुर सरकार गठन में भाग नहीं लेने की चेतावनी दी. साथ ही चुराचांदपुर में पूरी तरह बंद और कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया.
युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार (4 फरवरी 2026) को मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उन्होंने यह पदभार बीजेपी नेता एन. बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के लगभग एक वर्ष बाद संभाला. कुकी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली बीजेपी विधायक नेमचा किपगेन और नगा पीपुल्स फ्रंट विधायक एल. दिखो ने मणिपुर के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है.
चुराचांदपुर में पूर्ण बंद का आह्वान
इस घटनाक्रम के बाद चुराचांदपुर जिले के आदिवासी संगठन ‘जॉइंट फोरम ऑफ सेवन’ (जेएफ-7) ने शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक कुकी-जो बहुल इलाकों में पूर्ण बंद का आह्वान किया है. संगठन ने अलग कुकी प्रशासन की मांग दोहराते हुए समुदाय के सभी सदस्यों से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध में शामिल होने की अपील की है.
कुकी जो काउंसिल ने कहा कि यदि समुदाय का कोई विधायक संगठन के सामूहिक निर्णय की अनदेखी करता है तो वह ऐसा अपनी व्यक्तिगत हैसियत में करेगा और ऐसे ‘एकतरफा फैसलों’ से उत्पन्न परिणामों के लिए संगठन जिम्मेदार नहीं होगा. कुछ कुकी उग्रवादी संगठनों ने भी समुदाय के विधायकों को सरकार गठन में भाग लेने के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है.
कांगपोकपी जिले में नए सीएम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
कुकी बहुल कांगपोकपी जिले के लेइमाखोंग के पास बुधवार प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और सड़क पर बांस के डंडे रखकर नेमचा किपगेन के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का विरोध किया. मणिपुर में 3 मई 2023 से जातीय हिंसा जारी है, जिसकी शुरुआत पहाड़ी जिलों में निकाली गई एक आदिवासी एकजुटता रैली के बाद हुई थी. यह रैली बहुसंख्यक मैइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में निकाली गई थी.




















