लखनऊ टेरर कॉन्सपिरेसी केस: अल-कायदा से जुड़े 3 और आतंकियों को NIA ने सुनाई सजा, जानें पूरा मामला
Lucknow Terror Conspiracy Case: NIA कोर्ट ने लखनऊ के मुसीरुद्दीन उर्फ राजू, मिनहाज अहमद और जम्मू-कश्मीर के बडगाम का रहने वाला तौहीद अहमद शाह को सजा सुनाई है.

अल-कायदा से जुड़े लखनऊ टेरर कॉन्सपिरेसी केस (साल 2021) में अब एक बड़ा फैसला आया है. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में 3 और आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है. कोर्ट ने इन आरोपियों को 5 साल की सख्त कैद से लेकर उम्रकैद तक की सजा दी है. साथ ही सभी पर जुर्माना भी लगाया है.
जिन तीन आरोपियों को सजा मिली है, उनमें लखनऊ के मुसीरुद्दीन उर्फ राजू, मिनहाज अहमद और जम्मू-कश्मीर के बडगाम का रहने वाला तौहीद अहमद शाह शामिल है. इन सभी को IPC, UAPA, विस्फोटक पदार्थ कानून और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में दोषी पाया गया है. कोर्ट ने साफ किया कि इनकी सजा साथ-साथ चलेगी.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, इस केस की शुरुआत जुलाई 2021 में हुई थी, जब UP ATS ने मुसीरुद्दीन और मिनहाज को गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया था कि ये दोनों Al-Qaeda से जुड़े थे और लखनऊ में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलकर भर्ती कर रहे थे. इनका मकसद अंसार गजवतुल हिंद नाम का एक आतंकी मॉड्यूल खड़ा करना था, जो AQIS से जुड़ा हुआ था.
जांच में ये भी खुलासा हुआ कि ये लोग स्वतंत्रता दिवस 2021 से पहले उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे. बाद में NIA ने इस केस को अपने हाथ में लेकर गहराई से जांच की और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया.
NIA को जांच में क्या पता चला
NIA की जांच के मुताबिक, मिनहाज को तौहीद और एक अन्य आतंकी आदिल नबी तेली उर्फ मूसा ने कट्टरपंथ की राह पर डाला था. तीनों मिलकर युवाओं की भर्ती कर रहे थे और आतंकी गतिविधियों की योजना बना रहे थे. मुसीरुद्दीन को भी इसी साजिश में शामिल किया गया था और उसने ‘बैअत’ यानी आतंकी संगठन के प्रति निष्ठा की शपथ भी ली थी.
इसके बाद आरोपियों ने हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री जुटाई. इसमें उनके साथ लखनऊ के ही शकील, मुस्तकीम और मोइद ने भी मदद की थी, जिन्हें पहले ही इस केस में दोषी ठहराया जा चुका है. जांच के दौरान ये भी सामने आया कि आदिल नबी तेली उर्फ मूसा, TRF से जुड़ा घोषित आतंकी था. जो Lashkar-e-Taiba (LeT) का ही एक हिस्सा माना जाता है. उसे मार्च 2022 में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था.
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Source: IOCL























