एक्सप्लोरर

लोकसभा चुनाव 2019: जानिए कैसे वंशवाद और जाति की राजनीति करने वाले क्षेत्रीय दलों पर भारी पड़े मोदी

मोदी लहर पर सवार भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 80 में से 62 सीटें जीती हैं. इसके अलावा बसपा ने 11, सपा ने 6, अपना दल-सोनेलाल ने 1 और कांग्रेस ने एक सीट जीती है. ये पहला ऐसा लोकसभा चुनाव था जब अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव बिना मुलायम सिंह और लालू यादव के बिना चुनाव लड़ रहे थे.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी ने रिकॉर्ड जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है. इस चुनाव में ऐसा पहली बार हुआ जब पार्टी 300 के पार पहुंची. साल 2014 में बीजेपी जहां सिर्फ 282 सीटों पर कब्जा कर पाई थी वहीं इस बार ये आंकड़ा 300 सीटों को भी पार कर गया. ये पहली बार हुआ जब बीजेपी को 41 फीसदी वोट मिले हैं. भाजपा की लहर इतनी प्रचंड थी कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने परिवार के गढ़ अमेठी में स्मृति ईरानी से हार गए हालांकि वह केरल में वायनाड से जीत गए. लेकिन इस बीच कुछ ऐसा हुआ जिसने वंशवाद और जाति राजनीति पर से लोगों का भरोसा उठा दिया और इस भरोसे को पीएम मोदी की प्रचंड जीत ने सच कर दिखाया जो पूरी तरह से बिहार के महागठबंधन पर भारी पड़ी.

अखिलेश, तेजस्वी और मायावती पर भारी पड़ा ब्रांड मोदी

उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के बावजूद भाजपा को निर्णायक बढ़त मिली. क्षेत्रीय पार्टियों पर एनडीए की बड़ी जीत अब इन पार्टियों के भविष्य पर सवाल खड़ कर रही है. इस चुनाव में पहली बार बिहार और यूपी के वोटर्स ने जातीय समूह से बाहर निकलकर मोदी को चुना. बता दें कि ये मोदी का ही करिश्मा है जहां बिहार की क्षेत्रीय दलों के जातीय समीकरण काम नहीं कर पाया.  मोदी लहर पर सवार भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 80 में से 62 सीटें जीती हैं. इसके अलावा बसपा ने 11, सपा ने 6, अपना दल-सोनेलाल ने 1 और कांग्रेस ने एक सीट जीती है.

बिहार की अगर बात करें तो किसी जमाने में यादव- मुस्लिम समीकरण के आगे कोई पार्टी या नेता टिक नहीं पाते थे. यही हाल यूपी के सपा- बसपा के साथ भी था. लेकिन अब ये सबकुछ बदलता जा रहा है. इस चुनाव में अति पिछड़ों और अति दलितों ने कई मायनों में मोदी को वोट दिया है. इससे बुआ- बबुआ का कायापलट तो हुआ ही वहीं लालू के बिना चुनाव लड़ रहे दोनों बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप भी मोदी के सामने टिक नहीं पाए.

बिना पिता के बेटों ने लड़ा चुनाव

ये पहला ऐसा लोकसभा चुनाव था जब अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव बिना मुलायम सिंह और लालू यादव के बिना चुनाव लड़ रहे थे. दोनों के लिए इस चुनाव में सबसे बड़ा टारगेट अपने वोट को बचाना था लेकिन नतीजे दोनों के खिलाफ आए.

अखिलेश यादव ने जातीय कार्ड को खेलते हुए बीएसपी और आरएलडी के साथ गठबंधन किया लेकिन यहां महागठबंधन को सिर्फ 20 सीटों से ही संतुष्ट होना पड़ा तो वहीं एसपी के खाते में मात्र 8 सीटे ही आई. वहीं यादव परिवार के अक्षय यादव और धर्मेंद्र यादव जहां फिरोजाबाद और बदायूं से चुनाव लड़ रहे थे दोनों को हार का मुंह देखना पड़ा. इन नतीजों के बाद ये कहना सही होगा कि अखिलेश यादव को अपने ही गढ़ में हार का मुंह देखना पड़ा.

वहीं बिहार की अगर बात करें तो तेजस्वी ने महागठबंधन के लिए जमकर प्रचार किया लेकिन पार्टी वोट नहीं जुटा पाई. पार्टी को 40 सीटों में से मात्र 2 सीट मिले. वहीं पाटलीपुत्र से भी मीसा भारती को निराशा हाथ लगी. बीजेपी ने जिस तरह की जीत हासिल की है, वह साबित करती है कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में एक ऐसा वर्ग तैयार हुआ है, जो जातियों से परे अपनी आकांक्षाओं के आधार पर वोट कर रहा है. वहीं यूपी और बिहार के नतीजों ने पूरी तरह से वंशवाद और क्षेत्रीय राजनीति को नकार दिया है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

डीके शिवकुमार की शपथ से पहले राहुल गांधी का बड़ा फैसला, सिद्धारमैया को दिल्ली में दी ये बड़ी जिम्मेदारी 
डीके शिवकुमार की शपथ से पहले राहुल गांधी का बड़ा फैसला, सिद्धारमैया को दिल्ली में दी ये बड़ी जिम्मेदारी 
‘संवैधानिक आजादी का उल्लंघन’, बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम को अनिवार्य बनाने पर बोला पर्सनल लॉ बोर्ड
‘संवैधानिक आजादी का उल्लंघन’, बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम को अनिवार्य बनाने पर बोला AIMPLB
'पीएम मोदी Gen Z से ज्यादा Gen Z और मिलेनियल से हैं ज्यादा मिलेनियल', नेपाल के सत्ताधारी दल के चीफ से बोले BJP प्रेसिडेंट
'पीएम मोदी Gen Z से ज्यादा Gen Z और मिलेनियल से हैं ज्यादा मिलेनियल', नेपाल के सत्ताधारी दल के चीफ से बोले BJP प्रेसिडेंट
EU-पाक के ज्वाइंट स्टेटमेंट को भारत ने किया खारिज, कहा- J&K और लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा
EU-पाक के ज्वाइंट स्टेटमेंट को भारत ने किया खारिज, कहा- J&K और लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा

वीडियोज

Sansani | Crime News: खोड़ा थाने में 150 अपराधियों ने हाथ उठाकर मांगी माफी, योगी पुलिस का खौफ!
UP Police Action: मथुरा पुलिस का 'ऑन-स्पॉट' इंसाफ! | Vrindavan
UP Election 2027 | Surya Murder Case | Janhit:खोड़ा में 'असद' के नाम पर शुरू हुई वोट बैंक की सियासत!
Bharat Ki Baat | CM Yogi Speech | Akhilesh: CM Yogi की हुंकार, अखिलेश का पलटवार!
Weather Update: मौसम का क्यों बिगड़ रहा मिजाज? | ABP News

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
रूसी तेल पर अमेरिका ने फिर की हरकत तो भारत को आया गुस्सा, दिया दो टूक जवाब- 'इंडिया तय करेगा...'
रूसी तेल पर अमेरिका ने फिर की हरकत तो भारत को आया गुस्सा, दिया दो टूक जवाब- 'इंडिया तय करेगा...'
Lucknow News: मृत मरीजों के नाम पर निकाली गईं लाखों की कैंसर दवाएं, KGMU में 2 करोड़ से ज्यादा का घोटाला
मृत मरीजों के नाम पर निकाली गईं लाखों की कैंसर दवाएं, KGMU में 2 करोड़ से ज्यादा का घोटाला!
IPL ट्रॉफी जीतने के बाद प्रेमानन्द महाराज के आश्रम पहुंचे विराट कोहली को उपहार में ऐसा क्या मिला जिसकी हो रही चर्चा
IPL ट्रॉफी जीतने के बाद प्रेमानन्द महाराज के आश्रम पहुंचे विराट कोहली को उपहार में ऐसा क्या मिला जिसकी हो रही चर्चा
Cocktail 2 Trailer Out: रोमांस और कॉमेडी से भरपूर है 'कॉकटेल 2' का ट्रेलर, छा गया शाहिद-कृति और रश्मिका का लव ट्रायंगल
रोमांस और कॉमेडी से भरपूर है 'कॉकटेल 2' का ट्रेलर, छा गई शाहिद-कृति और रश्मिका की तिकड़ी
सीबीएसई OSM सिस्टम विवाद पर पीछे हटने के मूड में नहीं विपक्ष, शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा
सीबीएसई OSM विवाद पर पीछे हटने के मूड में नहीं विपक्ष, शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा
होर्मुज पर बड़ी खबर, ईरान के सरकारी टीवी का ऐलान, अब चौबीसो घंटे खुला रहेगा ट्रैफिक
होर्मुज पर बड़ी खबर, ईरान के सरकारी टीवी का ऐलान, अब चौबीसो घंटे खुला रहेगा ट्रैफिक
शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का बड़ा धरना, शामिल होने पहुंचे TMC के सिर्फ 5 विधायक और 6 सांसद
शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का बड़ा धरना, शामिल होने पहुंचे TMC के सिर्फ 5 विधायक और 6 सांसद
Explained: दिन में बिजली सस्ती और रात में 14 रुपए यूनिट तक महंगी क्यों? समझिए 'डक कर्व' और सोलर एनर्जी का दिलचस्प खेल
दिन में बिजली सस्ती और रात में 14 रुपए यूनिट तक महंगी क्यों? समझिए सोलर एनर्जी का दिलचस्प खेल
Embed widget