राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बिना पीएम मोदी के जवाब के धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा में पास, 2004 के बाद दोहराया गया इतिहास
PM Modi Speech: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 28 जनवरी को संसद के संयुक्त सत्र में दिए गए राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सुनाया.

संसद के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को लोकसभा में एक असाधारण स्थिति देखने को मिली. साल 2004 के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही पारित कर दिया गया. लगातार हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच स्पीकर ने प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी.
पीएम मोदी का जवाब नहीं हो सका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था. लेकिन विपक्षी सांसदों की लगातार नारेबाजी और व्यवधान के कारण स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी.
हंगामे के बीच ध्वनिमत से प्रस्ताव पास
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 28 जनवरी को संसद के संयुक्त सत्र में दिए गए राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सुनाया. विपक्ष के शोर-शराबे के बीच ही इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.
विपक्ष का विरोध जारी, सदन स्थगित
विरोध थमने के कोई संकेत नहीं मिलने पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. गुरुवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही भी कुछ ही देर में स्थगित करनी पड़ी.
राहुल गांधी को बोलने न देने का मुद्दा
विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का मौका न मिलने का मुद्दा उठाया. विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने राहुल गांधी को सदन में बोलने से रोका और उन्हें 2020 के चीन सीमा विवाद से जुड़े पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देने नहीं दिया गया.
आठ कांग्रेस सांसद निलंबित
सरकार और विपक्ष के बीच टकराव मंगलवार को और बढ़ गया, जब अनुशासनहीन व्यवहार के आरोप में कांग्रेस के आठ सांसदों को बजट सत्र के बाकी हिस्से के लिए निलंबित कर दिया गया.
This is the video of Dr Manmohan Singh’s speech on March 10 2005 - where he refers to the fact that he was prevented from replying to the Motion of Thanks on June 10, 2004 https://t.co/RyDSwhkMzG pic.twitter.com/uJNfgne78Z
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) February 5, 2026
2004 में क्या हुआ था?
साल 2004 में भी ऐसा ही मामला सामने आया था. उस समय बीजेपी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने से रोक दिया था. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें मनमोहन सिंह 10 मार्च 2005 को दिए भाषण में 10 जून 2004 की उस घटना का जिक्र करते हैं, जब उन्हें जवाब देने का मौका नहीं मिला था.
Source: IOCL























