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जानें- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने राष्ट्रपति के अपमान का वायरल सच
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के जरिए सिर्फ सवाल नहीं उठाए गए बल्कि राष्ट्रपति के अपमान का बेहद गंभीर आरोप लगाया गया है.

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो के जरिए दावा है कि एक आईएएस अफसर की बेटी की शादी मेंमंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के राष्ट्रपति दोनों मौजूद थे और प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रेसीडेंट का अपमान किया गया. क्या किया जा रहा है दावा? दावे के मुताबिक, शादी समारोह के इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के मान-सम्मान के दौरान राष्ट्रपति को पूरी तरह अलग-थलग रखा जाता है. दावे के मुताबिक वीडियो में जिन्हें राष्ट्रपति बताया जा रहा है उन्हें भी आगे आने को कहा जाता है. वो आगे आते हैं और प्रधानमंत्री के बगल में खड़े हो जाते हैं. वीडियो को सोशल एक्टिविस्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने ट्वीट करते हुए सवाल उठाया है, ‘’क्या इस देश में कोई प्रोटोकॉल बाकी रह गई है? वीडियो में अपनी नजरें राष्ट्रपति पर गड़ाकर रखिए.’’
क्या प्रधानमंत्री के साथ मंच पर राष्ट्रपति भी मौजूद थे? 6 नवंबर को राष्ट्रपति के कार्यक्रम की जानकारी हमें पत्र सूचना कार्यालय की वेबसाइट से मिली जो भारत सरकार के कार्यक्रमों की आधिकारिक जानकारी देने वाला पोर्टल है. यहां हमें पता चला कि 6 नवंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद छत्तीसगढ़ में थे. वीडियो में किस शख्स को राष्ट्रपति बताया गया है? दरअसल वायरल वीडियो में जिन्हें देश का राष्ट्रपति बताया जा रहा है वो तमिलनाडु राज्य के गवर्नर बनवारी लाल हैं. सोशल एक्टिविस्ट शबनम हाशमी अपना ट्वीट डिलीट कर चुकी हैं लेकिन ये वीडियो उनकी लिखी लाइनों के साथ वॉट्सऐप पर पूरे देश में घूम रहा है. ABP न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रपति नहीं तमिलनाडु के गर्वनर बनवारी लाल पुरोहित हैं. वीडियो में किसी भी तरह की प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हुआ है,क्योंकि प्रोटोकॉल के मुताबिक प्रधानमंत्री के बाद राज्य के गर्वनर आते हैं. लेकिन सोशल मीडिया बड़ी ही आसानी एक झूठ को सच के कपड़े पहनाकर पेश कर दिया. इसलिए जो देखिए उस पर भरोसा मत करिए और आपको भ्रम हो तो वायरल सच से कहिए.
हमारी पड़ताल में पीएम के सामने प्रेसीडेंट के अपमान का दावा करने वाला वीडियो झूठा साबित हुआ है.
वीडियो के जरिए सिर्फ सवाल नहीं उठाए गए बल्कि राष्ट्रपति के अपमान का बेहद गंभीर आरोप लगाया गया है. क्या प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है? प्रोटोकॉल यानि किसी भी काम को करने का एक तय तरीका. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री निजी आयोजन में हों या आधिकारिक आयोजन में दोनों जगह प्रोटोकॉल लागू होती है. प्रोटोकॉल के मुताबिक सबसे पहले देश के राष्ट्रपति हैं, उसके बाद देश के उपराष्ट्रपति, तीसरे नंबर पर देश के प्रधानमंत्री और चौथे नंबर देश के मुख्य न्यायाधीश और पांचवें नबर पर राज्य के गवर्नर का नंबर आता है. यानी किसी मंच पर अगर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों मौजूद हैं तो सबसे पहले राष्ट्रपति होंगे और उसके बाद प्रधानमंत्री. यानी वायरल वीडियो में प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया जा रहा है. क्या हाल में पीएम मोदी दक्षिण भारत के किसी हिस्से में दौरे पर गए थे? दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह नवंबर को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के दौरे पर गए थे. प्रधानमंत्री चेन्नई में तमिलनाडु के अखबार डेली थांति की प्लेटिनम जुबली के कार्यक्रम में शामिल हुए थे. उस दौरान चेन्नई में प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख करुणानिधि से भी मुलाकात की थी. इसी दिन यानी 6 नवंबर को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री दफ्तर के वरिष्ठ अधिकारी डॉ टीवी सोमनाथन की बेटी की शादी में शामिल हुए थे.
क्या प्रधानमंत्री के साथ मंच पर राष्ट्रपति भी मौजूद थे? 6 नवंबर को राष्ट्रपति के कार्यक्रम की जानकारी हमें पत्र सूचना कार्यालय की वेबसाइट से मिली जो भारत सरकार के कार्यक्रमों की आधिकारिक जानकारी देने वाला पोर्टल है. यहां हमें पता चला कि 6 नवंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद छत्तीसगढ़ में थे. वीडियो में किस शख्स को राष्ट्रपति बताया गया है? दरअसल वायरल वीडियो में जिन्हें देश का राष्ट्रपति बताया जा रहा है वो तमिलनाडु राज्य के गवर्नर बनवारी लाल हैं. सोशल एक्टिविस्ट शबनम हाशमी अपना ट्वीट डिलीट कर चुकी हैं लेकिन ये वीडियो उनकी लिखी लाइनों के साथ वॉट्सऐप पर पूरे देश में घूम रहा है. ABP न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रपति नहीं तमिलनाडु के गर्वनर बनवारी लाल पुरोहित हैं. वीडियो में किसी भी तरह की प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हुआ है,क्योंकि प्रोटोकॉल के मुताबिक प्रधानमंत्री के बाद राज्य के गर्वनर आते हैं. लेकिन सोशल मीडिया बड़ी ही आसानी एक झूठ को सच के कपड़े पहनाकर पेश कर दिया. इसलिए जो देखिए उस पर भरोसा मत करिए और आपको भ्रम हो तो वायरल सच से कहिए.
हमारी पड़ताल में पीएम के सामने प्रेसीडेंट के अपमान का दावा करने वाला वीडियो झूठा साबित हुआ है. हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें ABP News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ लाइव पर पढ़ें बॉलीवुड, लाइफस्टाइल, न्यूज़ और खेल जगत, से जुड़ी ख़बरें
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Source: IOCL






















