सिद्धू के पाकिस्तान जाने के फैसले पर बोले मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, यह उनकी सोच है
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कहा कि मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के करतारपुर गलियारे के शिलान्यास समारोह के लिए पाकिस्तान जाने का निर्णय उनकी सोच है.

गुरदासपुर: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कहा कि मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के करतारपुर गलियारे के शिलान्यास समारोह के लिए पाकिस्तान जाने का फैसला उनकी सोच है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारतीय सैनिकों और नागरिकों को मारा जा रहा है तो ऐसे में वह ऐसा करने के बारे नहीं सोच सकते है. बता दें कि पंजाब सरकार में मंत्री सिद्धू ने बुधवार को होने वाले इस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है. जबकि अमरिदर सिंह ने अपने राज्य में जारी आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुए आमंत्रण अस्वीकार कर दिया है.
अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के निर्दोष भारतीयों की हत्या को सहन नहीं कर सकते है और इसलिए वह पड़ोसी देश की यात्रा नहीं कर सकते है. गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक-करतारपुर साहिब कॉरिडोर के शिलान्यास समारोह के बाद सिंह ने समारोह के लिए पाकिस्तान जाने संबंधी सिद्धू के निर्णय पर पत्रकारों से कहा कि यह उनकी सोच है.
समारोह के लिए अपने मंत्रियों को पाकिस्तान भेजे जाने के केन्द्र सरकार के निर्णय पर पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उन पर निर्भर करता है कि उन्हें क्या उचित लगता है. उन्हें भारतीय सैनिकों और नागरिकों की भावनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए था. सिंह ने कहा,‘‘केन्द्र पाकिस्तान की नीति और आतंकवादी समूहों के समर्थन के कारण भारत में जो कुछ घटित हो रहा है, उस पर अपनी आंखें मूंदे नहीं रह सकता है.’’
अमरिंदर सिंह ने कहा कि दुनिया जानती है कि पाकिस्तान भारत में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करता है. उन्होंने पठानकोट (2016), मुम्बई (2008), गुरदासपुर (2015) और जम्मू कश्मीर में हिंसा के उदाहरण दिये. सिंह ने कहा कि वह उस समय तक पाकिस्तान की यात्रा नहीं करेंगे जब तक वह (पाकिस्तान) भारत में हिंसा करना बंद नहीं कर देता.
अमरिंदर सिंह ने कहा,‘‘अगर आपको लगता है कि (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री) इमरान खान इसे रोक सकते हैं, ऐसा नहीं होगा. पाकिस्तान में सरकारें सेना के तहत काम करती है. पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल बाजवा को यह समझने की जरूरत है कि इस तरह की चीजें (फिर से) घटित नहीं हों. सेनाएं निर्दोष महिलाओं और बच्चों से नहीं लड़ती है, सेनाएं धार्मिक समागम पर ग्रेनेड नहीं फेंकती है, देश की रक्षा करने के लिए सेनाएं है.’’























