'इडली-उपमा, पोंगल-चाय', इस्तीफे से पहले DK संग इस मेन्यू के साथ सिद्धारमैया दूर करेंगे गिले शिकवे!
Karnataka Politics: कर्नाटक में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अहम ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है, जिसके बाद उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं.

Karnataka Politics: कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस्तीफा देंगे या नहीं, इस पर आज तस्वीर साफ हो सकती है. मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर अहम ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज है. माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है.
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने इस्तीफे को लेकर कांग्रेस आलाकमान के सामने कुछ शर्तें रखी हैं. इनमें उनके बेटे को कैबिनेट मंत्री बनाने की मांग भी शामिल बताई जा रही है. इसी बीच उन्होंने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने के लिए समय भी मांगा है. ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि सिद्धारमैया गुरुवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं.
#WATCH बेंगलुरु: कर्नाटक के नेता, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा बुलाई गई ब्रेकफास्ट बैठक के लिए बेंगलुरु स्थित उनके आवास पर पहुंच रहे हैं। pic.twitter.com/pKvtAnzVbz
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 28, 2026
ब्रेकफास्ट मीटिंग के मेन्यू की भी हो रही चर्चा
सियासी उठापटक के बीच सिद्धारमैया की ब्रेकफास्ट मीटिंग का मेन्यू भी चर्चा का विषय बना हुआ है। बैठक में मेहमानों के लिए दक्षिण भारतीय व्यंजनों की खास व्यवस्था की गई है।
मीटिंग में रखा गया यह मेन्यू
- मसाला डोसा (लाइव काउंटर)
- खाराभात (उपमा)
- केसरीभात
- इडली
- उद्दिना वड़ा
- खारा पोंगल
- कॉफी और चाय
- सांभर, चटनी और सागू-पल्या
नेताओं का आवास पहुंचना शुरू
ब्रेकफास्ट मीटिंग शुरू होने से पहले ही कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं का मुख्यमंत्री आवास पहुंचना शुरू हो गया. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस बैठक में आगे की रणनीति और सत्ता परिवर्तन को लेकर अहम चर्चा हो सकती है.
राज्यपाल इंदौर रवाना
इसी बीच कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर मुंबई से इंदौर के लिए रवाना हो गए. हालांकि, राजनीतिक हलकों में इसे भी मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है.
इस्तीफे के बाद दिल्ली जा सकते हैं सिद्धारमैया
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया दिल्ली जाकर कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात कर सकते हैं. वहां वे पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करने के साथ-साथ अपनी आगे की भूमिका पर चर्चा कर सकते हैं. इसके अलावा अगली सरकार में अपने समर्थकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर भी बातचीत हो सकती है. बताया जा रहा है कि सरकार और संगठन से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल के साथ चर्चा होने की संभावना है.
Source: IOCL

























