दिल्ली: लॉकडाउन में गई नौकरी तो शुरू किया नया काम, स्कूटी पर खोल लिया 'ढाबा'
दिल्ली के मीरा बाग में बलबीर उर्फ बिट्टू हर रोज़ सुबह 5:30 बजे उठ कर खाना बनाने की तैयारी शुरू कर देते हैं और 1 बजे से 5 बजे तक अपने स्कूटर पर "बिट्टू दे मशहूर" दुकान लगाते हैं.

नई दिल्ली: लॉकडाउन से पहले ओबेरॉय, ट्राइडेंट होटल में ड्राइविंग का काम करने वाले बलबीर का काम अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी शुरू नहीं हुआ. लिहाज़ा उन्होंने अपने शौक मुताबिक खाना बनाना फिर से शुरू किया और अब उन्हें अपना मन पसंदीदा काम करने में इतना मज़ा आ रहा है कि वह ड्राइविंग छोड़ यही काम आगे भी करेंगे.
दिल्ली के मीरा बाग में बलबीर उर्फ बिट्टू हर रोज़ सुबह 5:30 बजे उठ कर खाना बनाने की तैयारी शुरू कर देते हैं और 1 बजे से 5 बजे तक अपने स्कूटर पर "बिट्टू दे मशहूर ...." दुकान लगाते हैं. आत्मनिर्भर भारत के नागरिक के रूप में बलबीर को असल में आत्मनिर्भर कहा जाए तो गलत नहीं होगा, जिन्होंने आपदा में अवसर खोज निकाला.

बलबीर कहते हैं, "अब मैं अपना काम ही करूंगा. होटल वाले वापस काम पर रखेंगे या नहीं ये भी नहीं पता. मैं खुद खाना बनाता हूं, खुद ही बेचता हूं. मेरे एक दिन के 100 से 150 तक कस्टमर बन गए हैं. मैं सब कुछ खुद तैयार करता हूं, लेकिन रोटियां एक महिला बनाती है. रोज़ सुबह 5:30 बजे खाना बनाने उठता हूं और चार घंटे तक खाना बनाता हूं. दुकान 1 से 5 बजे तक लगाते हैं."
बलबीर ने कहा, “मैं अब ब्रेकफास्ट भी बनाने कि सोच रहा हूं क्योंकि कई लोग सुबह को घर से बिना खाना खाए निकलते हैं. अकेला आदमी हूं, क्या क्या करूंगा!” इसके साथ ही उन्होंने बताया, “घर पर मेरी पत्नी और बच्चे हैं. मैंने पांच साल ओबेरॉय में ड्राइविंग की नौकरी की थी, वहां पीएफ जमा था. लॉकडाउन के समय पीएफ निकलवाया था और घर उससे चल रहा था लेकिन वो भी लगभग ख़तम होने को आ गया और जब केवल 15-20 हज़ार ही बचे तो मैंने सोचा खाना बनाना शुरू करता हूं, कुछ दोस्तों के पैसे उधार लिए और स्कूटी पर खाने का ये स्टॉल लगाना शुरू कर दिया.”
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