चुनाव जीतने पर जींद को रोहतक और कैथल से भी बेहतर बनाएंगे-सुरजेवाला
कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने विकास के मामले में जींद की अनदेखी के लिये शनिवार को हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर नीत सरकार को आड़े हाथ लिया.

जींद: कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने विकास के मामले में जींद की अनदेखी के लिये शनिवार को हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर नीत सरकार को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर वह जींद को रोहतक और कैथल से भी बेहतर बनाएंगे. जींद विधानसभा उपचुनाव के लिये 28 जनवरी को मतदान होगा. यह सीट इंडियन नेशनल लोकदल के विधायक हरिचंद मिड्ढ़ा के निधन से खाली हुई थी.
सुरजेवाला शनिवार को ईक्कस, ईटल कलां, ईटल खुर्द, जाजवान, ढांडा खेड़ी, दरियावाला व संगतपुरा में चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे थे. उनके साथ रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी मौजूद थे.
चुनावी सभाओं को सम्बोधित करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि उनके साथी कहते थे जिस प्रकार कैथल और रोहतक में विकास हुआ, उसी तरह जींद का विकास क्यों नहीं हो सकता.उन्होंने कहा कि जींद की जनता मौका दे तो जींद को रोहतक और कैथल से बेहतर बनाएंगे.
सुरजेवाला ने भगवा पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी के सांसद यहां से हैं, लेकिन जींद हलके में विकास की तस्वीर आज भी धुंधली है. सीएम खट्टर ने कभी जींद की ओर आंख उठाकर नहीं देखा. एमपी कभी यहां नहीं आए. अगर एमएलए व एमपी यहां काम करते तो उन्हें आने की जरूरत नहीं थी. जींद विकास और मूलभूत सुविधाओं से पीछे हट गया था अब उसकी तस्वीर बदलने का समय आ गया है.
सुरजेवाला ने कहा कि जींद इलाके की बदहाल तस्वीर आप लोगों के सामने है. खट्टर सरकार ने नौकरियों के मामले में तो जींद के युवाओं से जमकर भेदभाव किया है. उन्होंने कहा कि स्टेडियम में कोच नहीं है और कॉलेज में प्राध्यापक नहीं हैं. खेल व पढ़ाई के मामले में जींद इलाके को पीछे करने की साजिश रची जा रही है. अब बीजेपी की नीतियों से जनता रूबरू हो चुकी है और बीजेपी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है.
सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि 2014 में जुमलों के दम पर हरियाणा में पहली बार जब बीजेपी की सरकार बनी थी तो प्रदेश की जनता को आशा थी कि खट्टर सरकार प्रदेश को आगे लेकर जाएगी. शिक्षा, रोजगार, प्रति व्यक्ति आय व खेत खलिहान में प्रदेश अव्वल बनेगा, लेकिन इस नकारा सरकार ने प्रदेश को कई साल पीछे धकेल दिया.
Source: IOCL


























