19 मार्च से शुरू होगी भारतीय नौसेना की तरफ से आयोजित एक्सरसाइज 'मिलन', अमेरिका और ईरान भी लेंगे हिस्सा
इस मल्टीनेशनल एक्सरसाइज में दो कट्टर दुश्मन अमेरिका और ईरान भी हिस्सा ले रहे हैं. 19 मार्च से ये विशाखापट्टनम में शुरू होगी. ये एक्सरसाइज 1955 में शुरू हुई थी और अबतक अंडमान निकोबार में होती आई थी.

नई दिल्ली: 41 देशों की नौसेनाओं की होने वाली बड़ी एक्सरसाइज 'मिलन' अगले महीने की 19 तारीख (19-28 मार्च) से आंध्रा प्रदेश के विशाखापट्टनम में होने जा रही है. खास बात ये है कि इस मल्टीनेशनल एक्सरसाइज में कट्टर दुश्मन देश अमेरिका और ईरान भी हिस्सा ले रहे हैं. मिलन-एक्सरसाइज का थीम है, 'सिनर्जी अक्रॉस द सीज़.' ऐसे में दोनों देशों को एक साथ एक प्लेटफार्म पर लाने का काम भारतीय नौसेना इस मिलन एक्सरसाइज के जरिए कर रही है.
भारतीय नौसेना द्वारा दो साल में एक बार आयोजित होने वाली ये एक्सरसाइज पहली बार 'सिटी ऑफ डेस्टनी' के नाम से विख्यात विशाखापट्टनम (वाइज़ैग) में होने जा रही है. 1995 में शुरू हई ये एक्सरसाइज अभी तक अंडमान निकोबार में होती आई थी.
'मिलन 2020' एक्सरसाइज मित्र-देशों की नौसेनाओं के ऑपरेशनल-कमांडर्स को एक साथ आपसी हितों पर चर्चा करने का मौका देगा. इस युद्धभ्यास का उद्देश्य प्रोफेशनल-इंटरैक्शन है और हिस्सा लेने वाली नौसेनाएं एक दूसरे की ताकत से रूबरू होंगी. हाल ही में मिडिल ईस्ट में हुए तनाव के बाद ये पहली बार होगा कि अमेरिका और ईरान की की नौसेनाएं एक साथ युद्धभ्यास करेंगी.
हाल ही में भारतीय नौसेना ने मिलन एक्सरसाइज का थीम-वीडियो भी जारी किया था. करीब 2.50 मिनट के इस वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह से मित्र-देशों की नौसेनाएं समंदर में सहयोग और तालमेल करती हैं. खास बात ये है कि मिलन एक्सरसाइज के लिए भारत ने रूस को भी निमंत्रण भेजा है. रूस और अमेरिका की चिर-परिचित प्रतिद्धंदिता दुनिया से छिपी नहीं है. यहां तक की जब भारत ने रूस से एस 400 मिसाइल खरीदने का करार किया था तो अमेरिकी ने उसका विरोध किया था. हालांकि, अमेरिका ने भारत पर अपना कड़ा कानून 'काटसा' (काउंटरिंग अमेरिकाज़ एडवर्सेरीज थ्रू सेंक्शंस) नहीं लगाया था. अमेरिका के साथ-साथ जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं को भी निमंत्रण भेजा गया है जिनके साथ भारत ने एक नया गठजोड़, 'क्वॉड' बनाया है.
लेकिन भारतीय नौसेना ने चीन को इस एक्सरसाइज के लिए न्यौता नहीं भेजा है. नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह के मुताबिक, इस एक्सरसाइज के लिए 'लाइक माइडेंड' देशों को ही आमंत्रित किया गया है. लेकिन साऊथ चायना सी से जुड़े इंडोनेशिया, थाईलैंड, वियतनाम और मलेशिया को बुलाया गया है. हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैंकॉक में एशियान-प्लस देशों के सम्मेलन में चीन पर अपरोक्ष रूप से हमला बोलते हुए दक्षिण चीन सागर में 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' का आह्वान किया था. भारत ने मिलन एक्सरसाइज के लिए यूएई, मिस्र, कतर, ईरान और इजरायल सहित अफ्रीकी देश सोमालिया, जिबूती, इरीट्रिया और मोजंबिक को भी बुलावा भेजा है.
Source: IOCL


























