पंजाब: कोरोना वायरस मामलों की रफ्तार में तेजी, ऑक्सीजन सिलेंडर की बढ़ी डिमांड
पंजाब में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. ऐसे में मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की डिमांड और बढ़ गई है. लोग ऑक्सीजन सिलिंडर लेने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि अपनों की जान बचाई जा सके.

देशभर में कोरोना का कहर लगातार जारी है. देश के कई राज्यों में स्थिति पहले से ज्यादा खराब होती जा रही है. वहीं, पंजाब में इसका खासा असर देखने को मिल रहा है. पंजाब में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. ऐसे में मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की डिमांड और बढ़ गई है. लोग ऑक्सीजन सिलेंडर लेने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि अपनों की जान बचाई जा सके.
ऑक्सीजन सिलेंडर बेचने वाले अमृतसर के एक वेंडर ने बताया, "इस समय स्थिति पहले से ज्यादा खराब होती जा रही है. पहले 20 हजार सिलेंडर की मांग थी लेकिन अब यह बढ़कर 50 हजार हो गई है. उन्होंने कहा, "हम जिस कंपनी से ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदते हैं वह भी दाम में इजाफा कर रहे हैं. " वेंडर ने पीएम मोदी से कहा, "हम चाहते हैं कि पीएम मोदी वैसी कंपनियों को सख्त हिदायत दें कि इस समय रेट ना बढ़ाए जाएं." वहीं, बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में पर्याप्त मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक समीक्षा बैठक की. स्वास्थ्य, इस्पात, सड़क परिवहन, आदि जैसे मंत्रालयों के इनपुट भी पीएम के साथ साझा किए गए.
Punjab: Amid surge in COVID cases, demand for oxygen cylinders increases
— ANI (@ANI) April 16, 2021
"There's shortage of oxygen cylinders, their demand has gone up from 20,000 to 50,000. Companies that we buy from are charging high. Govt should direct them to not raise rates," says a vendor from Amritsar pic.twitter.com/ZsQE7f1qfU
इन राज्यों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहद जरूरी
पीएम ने जोर देकर कहा कि मंत्रालयों और राज्य सरकारों के बीच तालमेल सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है. पीएम मोदी ने 12 उच्च बोझ वाले राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में आने वाले 15 दिनों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और अनुमानित उपयोग की विस्तृत समीक्षा की, इन राज्यों में जिला स्तर की स्थिति का अवलोकन पीएम मोदी के सामने रखा गया.
पीएम मोदी को बताया गया कि केंद्र और राज्य नियमित संपर्क में हैं और अनुमानित मांग के अनुमान 20 अप्रैल, 25 अप्रैल और 30 अप्रैल को राज्यों के साथ साझा किए गए हैं. इसके मुताबिक 20 अप्रैल, 25 अप्रैल और 30 अप्रैल को अपनी अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए इन 12 राज्यों को 4,880 मीट्रिक टन, 5,619 मीट्रिक टन और 6,593 मीट्रिक टन आवंटित किया गया है.
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Source: IOCL
























