Weather Update: दक्षिण पश्चिम मॉनसून की विदाई, राजस्थान में अधिक तो इन राज्यों में कम हुई बारिश
Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि देश के सबसे बड़े चावल उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल में 17 प्रतिशत कम बारिश हुई, जिसका सीधा असर राज्य में धान की बुवाई पर पड़ा.

IMD Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून शुक्रवार (30 सितंबर) को विदा होने जा रहा है और इस बार देश में सात प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड जैसे चावल उत्पादक राज्यों में कम बारिश हुई, जिसके चलते किसानों की उपज पर सीधे प्रभाव पड़ा है. हालांकि इस बार मॉनसून के दौरान पूरे देश में अधिक वर्षा हुई है. रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में सामान्य से 36 प्रतिशत अधिक बारिश हुई. वहीं पूर्वोत्तर भारत में कम बारिश हुई, जहां आमतौर पर पर्याप्त बारिश होती है.
तमिलनाडु में 477.3 मिली मीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य यानी 323.6 मिमी से 47 प्रतिशत अधिक है. तमिलनाडु में अक्टूबर से शुरू होने वाले उत्तर-पूर्व मॉनसून के दौरान अक्सर बारिश होती है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक जून से शुरू और 30 सितंबर को समाप्त होता है. अक्टूबर के दौरान होने वाली बारिश को मॉनसून के बाद की बारिश के रूप में दर्ज किया जाता है. मौसम कार्यालय ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई की प्रक्रिया 20 सितंबर से शुरू हो गई थी और गुरुवार तक यह पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात से पूरी तरह विदा हो गया.
इन राज्यों में इतनी बारिश हुई
आईएमडी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, मणिपुर में 1 जून से 29 सितंबर के बीच 543.2 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य यानी 1,033 मिमी से 47 प्रतिशत कम है. मौसम कार्यालय ने कहा कि त्रिपुरा (1,056.7 मिमी) और मिजोरम (1,264.1 मिमी) में क्रमश: 24 प्रतिशत और 22 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. अरुणाचल प्रदेश (1430.1 मिमी) में 14 प्रतिशत कम बारिश हुई, जबकि नगालैंड (901.4 मिमी) में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. असम (1340.5 मिमी) में सामान्य से नौ प्रतिशत जबकि मेघालय (2,474.5 मिमी) में सामान्य से 8 प्रतिशत कम बारिश हुई. चूंकि मौसम कार्यालय 20 फीसदी तक कम बारिश को सामान्य मानता है, इसलिए ये पूर्वोत्तर राज्य कम बारिश वाले राज्यों की श्रेणी में नहीं गिने जा रहे.
देश के सबसे बड़े चावल उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल में 17 प्रतिशत कम बारिश हुई, जिसका सीधा असर राज्य में धान की बुवाई पर पड़ा. पश्चिम बंगाल में 38.52 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की बुवाई की गई थी, जो पिछले खरीफ सीजन में की गई 42.7 लाख हेक्टेयर बुवाई से 3.65 लाख हेक्टेयर कम रही. कुल मिलाकर किसानों ने इस सीजन में 401.56 लाख हेक्टेयर में बुवाई की है, जो पिछले फसल सीजन की तुलना में 23.44 लाख हेक्टेयर कम है. तेलंगाना में मानसून के दौरान 46 फीसदी अधिक बारिश हुई. कर्नाटक में 29 फीसदी, गुजरात में 28 फीसदी, मध्य प्रदेश में 24 फीसदी और महाराष्ट्र में 23 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई.
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