मैं भले ही बीजेपी में हूं, लेकिन पहले भारतीय जनता का हूं : शत्रुघ्न सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वे भले ही बीजेपी में हैं लेकिन पहले भारतीय जनता के हैं. यशवंत सिन्हा ने कहा कि आजकल सच बोलने वाले किसी भी व्यक्ति को "देशद्रोही" कहा जाता है.

पटना: पटना साहिब संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी लाईन से हटकर एकबार फिर केंद्र की नरेंद मोदी सरकार पर हमला किया है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि वे भले ही बीजेपी में हैं लेकिन पहले भारतीय जनता के हैं.
पटना सिटी में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 114 वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में शत्रुघ्न ने नोटबंदी, जीएसटी और राफले सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अफसोस है उनकी पार्टी "वन मैन शो, टू मेन आर्मी बनकर रह गयी है.’’ उन्होंने कहा कि वे भले ही बीजेपी में हैं लेकिन पहले भारतीय जनता के हैं.
यशवंत सिन्हा ने भी किया बीजेपी पर हमला
इस साल की शुरुआत में बीजेपी से अपने को अलग करने की घोषणा करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि आजकल सच बोलने वाले किसी भी व्यक्ति को "देशद्रोही" कहा जाता है. उन्होंने कहा कि अगर सच का साथ देना और गलत को गलत कहना गलत है तो मैं फख्र से कहता हूं कि देशद्रोहियों की सूची में मैं और शत्रुघ्न सिन्हा संयुक्त रुप से अव्वल नंबर पर आता हूं.
शत्रुघ्न ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि "मौजूदा शासन में किसी से भी तीन मंत्रियों का नाम पूछें. वह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का नाम लेंगे, इसके बाद अमित शाह जी का जो कि मंत्री नहीं हैं और उसके बाद वे अटकने लगते हैं.
नोटबंदी के बाद जीएसटी नीम पर करेला- शत्रुघ्न
शत्रुघ्न ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के सदमे से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि तबतक आपने पेचीदा जीएसटी लागू कर दिया जो कि नीम पर करेला साबित हुआ. डीजिटल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया. अरे सबका मतलब एक ही होता मेड इन चाईना. आज तो वही बिक रहा है यहां पर. बातें किए जाओ.
अपने उपर लगाए जा रहे उस आरोप कि उन्हें केंद्र में मंत्री नहीं बनाए जाने के कारण वे पार्टी के खिलाफ बोल रहे हैं, शत्रुघ्न ने कहा कि ये बहानेबाजी करते हैं. मुझे कुछ नहीं चाहिए.उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया था, लेकिन आश्चर्य की बात है कि किसानों के साथ बर्बरता की जा रही है, उन पर लाठियां बरसाई जा रही है.




















