खाड़ी देशों में मजदूरी का सच, 4 साल में 28 हजार से ज्यादा भारतीयों ने खोई जान-रिपोर्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया के खबर के मुताबिक पिछले चार सालों में 28,523 भारतीयों की 6 खाड़ी देशो में मौत हुई है.

नई दिल्ली: हर साल भारत से कई हजार मजदूर रोजगार की तलाश में खाड़ी देशों में जाते हैं लेकिन उनमें से कई लौट कर नहीं आ पाते. टाइम्स ऑफ इंडिया के खबर के मुताबिक पिछले चार सालों में 28,523 भारतीयों की 6 खाड़ी देशो में मौत हुई है. मरने वाले भारतीयों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से हैं.
तेलंगाना से हर साल 100 लोगों की जान खाड़ी देशों में जाती
रिपोर्ट के मुताबिक तेलंगाना से हर साल 100 लोगों की जान खाड़ी देशों में जाती है. रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा मौत सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में हुई है. इन मौतों के पीछे खराब स्थिति, कर्ज, एजेंटों द्वारा धोखा और परिवार में जारी कलह बताया गया है. 2017 के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक भारत के 22.53 लाख लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं.
तेलंगाना एनआरआई विंग के अधिकारी ई चिट्टी बाबू ने टीओआई को बताया, ''जुलाई 2014 से अब तक हमने आधिकारिक तौर पर लगभग 518 डेड बॉडी को वापस देश में लाने में मदद की है. हमने गरीबी रेखा के नीचे जो लोग हैं उनकी मदद करने के लिए हवाई अड्डे से मृत व्यक्ति के गांव तक डेड बॉडी को पहुचाने के लिए एंबुलेंस मुहैया कराई है.''
ई चिट्टी बाबू ने आगे बताया कि ज्यादातर मौत दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ है. इसके अलावा नींद पूरी न होना और खराब खाना भी इसकी वजह है. वहीं कुछ अन्य मामलों में मरने वाला व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल हुआ और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
कुछ आंकड़ों पर नजर
1-खाड़ी देशों में 2017 में 2015 के मुकाबले काम करने वाले भारतीयों की संख्या में इजाफा हुआ है. केवल कुवैत में काम करने वालों के संख्या में कमी आई है.
2- 2018 की बात करें तो 1614 लोगों की मौत अमेरिका में, 200 लोग बहरीन में, 595 कुवैत में, 483 ओमान में, 261 कतर में और 2,277 साउदी में मरे हैं.
3- 40 भारतीय नागरिकों की 15 अलग-अलग देशों में सजा काटते हुए मौत हुई है, जबकि 8445 भारतीय 68 अलग-अलग देशों के जेल में बंद हैं.
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