हरियाणा: खत्म नहीं हो रही कांग्रेस की गुटबाजी, चुनावी वादों पर शैलजा की राय हुड्डा से अलग
पूर्व राज्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने भी अपने कार्यकाल के दौरान दिग्गन नेताओं पर साथ नहीं देने का आरोप लगाया है.

नई दिल्ली: हरियाणा विधानसभा चुनाव की वोटिंग होने में एक महीने से भी कम का वक्त बचा है, लेकिन मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की गुटबाजी अब तक खत्म नहीं हुई है. कांग्रेस ने गुटबाजी को खत्म करने के लिए करीब महीनाभर पहले राज्य में कुमारी शैलजा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अहम जिम्मेदारियां दी थीं. इन नियुक्तियों से पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा बगावती तेवर अपनाए हुए थे और उन्हें बिना कांग्रेसी बैनर के एक रैली बुलाकर चुनावी वादों की झड़ी लगा दी. कुमारी शैलजा ने भूपेंद्र सिंह हु्ड्डा के चुनावी वादों पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि कांग्रेस का घोषणा पत्र हुड्डा के किए गए चुनावी वादों से अलग होगा.
हुड्डा ने 18 अगस्त की बुलाई गई रैली में सीएम बनने पर चार डिप्टी सीएम बनाने की बात कही थी. हुड्डा की इस बात से मेनिफेस्टो कमेटी की चेयरमैन किरण चौधरी सहमत नहीं है. इस पर राज्य कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने कहा है कि हुड्डा का अपना एक प्वाइंट ऑफ व्यू हो सकता है, जरूरी नहीं की सभी लोग इससे सहमत हो. इसके साथ ही शैलजा ने साफ किया है कि 27 सितंबर को मेनिफेस्टो कमेटी की बातों में सभी वादों पर चर्चा की जाएगी.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक हुड्डा अब भी अपनी बात पर कायम है. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, ''उप मुख्यमंत्री बनाने में कुछ भी नया नहीं है. मैं जब पहली बार सीएम बना तो चंद्रमोहन को उप मुख्यमंत्री बनाया गया था.''
बता दें कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस इलेक्शन कमेटी की बैठक 26 सितंबर को होनी है, जबकि मेनिफेस्टो कमेटी की बैठक 27 सितंबर को होगी. कांग्रेस पार्टी राज्य में 28 और 29 सितंबर को टिकट बंटवारे की घोषणा कर सकती है. हरियाणा में 21 अक्टूबर को वोटिंग होनी है, जबकि नतीजे 24 अक्टूबर को आएंगे.
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