झारखंड: गठबंधन की सरकार में तकरार की सुगबुगाहट, सरकार के फैसलों से कांग्रेस के मंत्री नाराज
झारखंड में जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी के गठबंधन की सरकार है. कांग्रेस कोटे के चार मंत्रियों ने सरकार के कुछ फैसलों पर नाराजगी व्यक्त की है.

रांची: पूरी दुनिया और हमारा देश भी इस वक्त कोरोना की महामारी से जंग लड़ रही है. इसी बीच कुछ ऐसी चीजें भी हो रही हैं जिससे कोरोना से इतर देश के राजनीतिक हालात के बारे में भी सवाल खड़े होते हैं.
झारखंड में जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन की सरकार है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जेएमएम और कांग्रेस में राज्य में होने वाले फैसलों को लेकर खींचतान चल रही है. झारखंड में कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि गुरुवार को कांग्रेस के चारों मंत्रियों ने एक बैठक कर राज्य सरकार के फैसलों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की है. इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख और पेयजल एंव स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर शामिल थे.
बता दें कि पिछले दिनों झारखंड में बड़ा प्रशासनिक उलटफेर हुआ है, राज्य में कोरोना के इस संकट काल में ही 30 से ज्यादा आईपीएस अफसरों के तबादले हुए हैं. इस फैसले को लेकर कांग्रेस का कहना है कि इतने बड़े प्रशासनिक फेरबदल में हमसे राय तक नहीं ली गई है और गठबंधन की सरकार में ऐसा होना ठीक परंपरा नहीं है. इसी बात को लेकर गुरुवार को बैठक के बाद चारों मंत्रियों ने फैसला लिया है कि इस बात की शिकायत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर करेंगे. इसके लिए चारों मंत्री गुरुवार की शाम को ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलेंगे.
झारखंड में गठबंधन की सरकार चलते हुए महज कुछ महीने ही हुए हैं और सरकार की शुरुआत में ही जिस तरह की परिस्थिति बन रही है उसको लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि झारखंड की राजनीति में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. आगे आने वाले दिनों में और भी आपसी असहमतियां देखने को मिल सकती हैं जिसका सीधा असर झारखंड में भविष्य की राजनीति पर देखने को मिलेगा.
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