वॉशरूम में दो बार बेहोश हुए पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, दिल्ली AIIMS में कराया गया भर्ती, जानें अब कैसी तबीयत?
Jagdeep Dhankhar: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को लेकर बड़ी खबर आई है. उन्हें दिल्ली के एम्स में अचानक भर्ती कराया गया है. फिलहाल उनका इलाज चल रहा है.

देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की तबीयत अचानक बिगड़ गई है. उन्हें दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया है. जगदीप धनखड़ 74 साल के हैं और पहले भी उनकी तबीयत कई मौकों पर खराब हो चुकी है.
अधिकारियों ने बताया कि 10 जनवरी को धनखड़ को वॉशरूम में दो बार बेहोशी का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स ले जाया गया. डॉक्टर्स ने जगदीप धनखड़ को जांच के लिए भर्ती करने की सलाह दी. इसके साथ ही उनका एमआरआई भी कराने को कहा गया है.
कब-कब बेहोश हुए जगदीप धनखड़?
जगदीप धनखड़ पहले भी कई बार बेहोश हो चुके हैं, जिनमें कच्छ का रण, उत्तराखंड, केरल और दिल्ली की घटनाएं शामिल हैं. इन जगहों पर वह उपराष्ट्रपति के रूप में सार्वजनिक कार्यक्रमों में गए थे. उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा भी दे दिया था.
मानसून सत्र के पहले दिन दिया था इस्तीफा
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था. बतौर राज्यसभा के सभापति दिन में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन किया था. उसी रात को उपराष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर धनखड़ का इस्तीफा आ गया. इस इस्तीफे में उन्होंने सेहत का हवाला दिया था. उनके अचानक इस्तीफे पर तब विपक्ष और कई राजनीतिक विश्लेषकों ने सवाल उठाए थे और कहा था कि इसके पीछे सेहत नहीं कुछ और वजह लगती है.
आवास के लिए सरकार को लिख चुके हैं पत्र
अभी कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि उनके इस्तीफे के पांच महीने बाद भी पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को सरकारी आवास नहीं मिला था. कुछ करीबी लोगों ने इसकी जानकारी दी थी. 22 अगस्त को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखकर पूर्व उपराष्ट्रपतियों को प्राप्त होने वाले आधिकारिक आवास का अनुरोध किया था.
पूर्व उपराष्ट्रपति को कौनसी सुविधाएं मिलती हैं?
बता दें, पूर्व उपराष्ट्रपति को भारत सरकार से कई सुविधाएं मिलती हैं. इनमें दो लाख रुपये प्रति महीने की पेंशन, टाइप 8 बंगला, एक निजी सचिव, एक अतिरिक्त निजी सचिव, एक निजी सहायक, एक डॉक्टर, एक नर्सिंग अफसर समेंत चार निजी सहायक के हकदार हैं.
Source: IOCL
























