1 अप्रैल से शुरू हो रहा जनगणना 2027 का पहला चरण, आयुक्त मृत्युंजय कुमार ने दी कई अहम जानकारियां; जानें कैसे क्या होगा?
Census 2027: भारत में साल 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार ने अहम जानकारी साझा की है. उन्होंने जनगणना से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए.

भारत में साल 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर कई अहम जानकारी जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने दी है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के कई सवालों के जवाब देते हुए बताया कि जनगणना चार चरणों में होगी. उन्होंने बताया कि पहले चरण के तहत नागरिकों को स्व गणना या अपना डेटा खुद देना होगा. वोटर अपनी जानकारी दिए गए फॉर्म में खुद भरेंगे. यह Self Enumeration प्रक्रिया है.
इसके बाद दूसरे चरण में चुनाव कर्मचारी घर-घर जाकर स्वगणना के तहत दी गई जानकारी के तहत इसे वेरिफाइ करेंगे यानी नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी को वेरिफाई किया जाएगा. तीसरे चरण में प्राप्त डेटा को क्रॉसचेक किया जाएगा. पर्यवेक्षक यानी सुपरवाइजर इसे डेटा को वेरिफाइ करेंगे. 6 चुनाव कर्मियों पर एक सुपरवाइजर को नियुक्त किया जाएगा. वहीं, चौथे चरण में वोटर की व्यक्तिगत जानकारी जुटाने का काम किया जाएगा.
जाति की गणना कब?
इसके अलावा जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार ने बताया कि पहले चरण में हाउसहोल्ड यानी घरेलू संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी. जातिगत रूप से जनगणना को दूसरे चरण में किया जाएगा. उन्होंने इस सवाल का जवाब भी दिया है कि अगर किसी के पास एक से ज्यादा घर हैं, तो वह जहां मौजूदा समय में रह रहे हैं, वहां की जानकारी दे सकते हैं.
1 अप्रैल से शुरू हो रहा पहला चरण
दरअसल, जनगणना 2026 का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है. इसमें 33 सवालों के जवाब सरकार की तरफ से पूछे जाएंगे. इनके अलावा लिव इन में रह रहे कपल्स को शादीशुदा माना जाएगा. ऐसा तब किया जाएगा, जब कपल मानेगा कि उनका रिश्ता लंबा चल सकता है.
पहले चरण के लिए सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है. यहां लोग खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे. उनकी मदद के लिए FAQ भी दिए गए हैं. इस तरह के चरण को हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना कहा जाता है. इसका मकसद देश में घरों और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाना है. इससे सरकार बेहतर योजनाएं बनासके. दूसरे चरण में आबादी से अन्य जानकारी ली जाएगी.
सारी जानकारी डिजिटल होगी
सरकार ने जानकारी दी है कि इस बार की जनगणना की पूरी तरह डिजिटल होगी. करीबन 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे. जनगणना को बहुत हद तक पेपरलेस रखा जाएगा.
Source: IOCL



























