बजट में किसानों और कृषि क्षेत्र की जरूरतों पर होगा फोकस, कई कदमों के एलान की उम्मीद
मोदी सरकार 1 फरवरी को अपने दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश करने जा रही है बजट में किसानों और कृषि क्षेत्र की आय 2022 तक दुगना करने का लक्ष्य है.

नई दिल्लीः मोदी सरकार ने 2022 तक सभी किसानों की आय दुगना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. उम्मीद है कि बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस लक्ष्य को साधने के लिए कई कदमों का ऐलान कर सकती हैं.
किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की राशि को जारी रखा जाएगा. हालांकि अभी तक सिर्फ 8.5 करोड किसानों को ही इसका फायदा मिला है. ऐसे में इस बार इसके लिए बजट में बढोत्तरी किए जाने की संभावना है. पिछले साल इस योजना के लिए 75,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था. पिछले साल 14 करोड़ किसानों को राशि देने का फैसला किया था. अभी तक 9.2 करोड़ किसानों का डाटा मिला है और अबतक किसानों को करीब 50,000 करोड़ रुपये की राशि बांटी गई है.
इसके अलावा खेती में बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए भी कदम उठाए जाने की संभावना है. इसके तहत कोल्ड स्टोरेज़ खोलने के लिए टैक्स में रियायत दी जा सकती है. कोल्ड स्टोरेज़ खोलने के लिए सस्ता कर्ज देने का भी ऐलान हो सकता है.
ई नैम यानि ई राष्ट्रीय कृषि मंडी के ज़रिए किसानों को बाजार उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई थी. सरकार का इरादा देश के सभी 22500 मंडियों को आपस में जोड़ने का है ताकि किसान दाम के हिसाब से अपना सामान बेच सके. ई नैम का दायरा बढ़ाने और सभी मंडियों को जोड़ने के लिए 1,000 करोड़ का आवंटन संभव है. वहीं ग्रामीण हाट खोलने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की राशि दी जा सकती है. इसी के साथ कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप के लिए भी अतिरिक्त फंड का आवंटन भी हो सकता है.
पीएम फसल बीमा योजना में कई खामियां पाई गई हैं और सरकार ने उसके नियमों में बदलाव का फ़ैसला किया है. बजट में वित्त मंत्री बीमा योजना में बदलाव का ऐलान करने में साथ ही इसके आवंटन में बढ़ोतरी हो सकती है.
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