DRDO Defence System: सैनिकों के कंधे पर मौत का सामान! भारत ने बना लिया 'हिट-टू-किल' ब्रह्मास्त्र...अब पाकिस्तान की खैर नहीं
DRDO: DRDO ने राजस्थान के पोखरण में चौथी पीढ़ी के VSHORADS एयर डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण किया. यह स्वदेशी मिसाइल दुश्मन के हवाई टारगेट को सीधे मार गिराने में सक्षम है.

भारत अपनी सैन्य ताकत को लगातार मजबूत करने में लगा हुआ है. इसी दिशा में DRDO ने चौथी पीढ़ी के वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण राजस्थान के पोखरण टेस्ट रेंज फील्ड फायरिंग रेंज में किया गया, जहां इस सिस्टम के तीन सफल फ्लाइट टेस्ट पूरे किए गए. इन परीक्षणों के दौरान तेज रफ्तार से आने वाले हवाई टारगेट को निशाना बनाया गया. DRDO ने दिखाया कि यह सिस्टम कम दूरी में और ज्यादा ऊंचाई पर भी दुश्मन के टारगेट को रोक सकता है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ट्रायल में इस हथियार की हिट-टू-किल क्षमता को परखा गया. इसका मतलब है कि यह मिसाइल सीधे अपने लक्ष्य से टकराकर उसे पूरी तरह तबाह कर सकती है.
टेस्ट के दौरान अलग-अलग तरह की परिस्थितियों में सिस्टम को आजमाया गया. इसमें ऐसे टारगेट शामिल थे, जो कभी पास आ रहे थे, कभी दूर जा रहे थे और कभी एक तरफ से दूसरी तरफ तेजी से गुजर रहे थे. हर स्थिति में सिस्टम ने सही तरीके से काम किया और अपने टारगेट को आसानी से तबाह कर दिया.
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VSHORADS कैसा एयर डिफेंस सिस्टम?
VSHORADS एक मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम है, यानी इसे सैनिक अपने साथ लेकर चल सकते हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे पूरी तरह देश में ही डिजाइन और विकसित किया गया है. इस प्रोजेक्ट को DRDO के रिसर्च सेंटर इमार्ट ने दूसरी लैब्स और प्रोडक्शन पार्टनर्स के साथ मिलकर तैयार किया है. इस सिस्टम की खास बात यह है कि भारत की तीनों सेनाएं, थल सेना, वायु सेना और नौसेना शुरुआत से ही इस प्रोजेक्ट से जुड़ी रही हैं. डेवलपमेंट और टेस्ट की हर स्टेज में उनकी भागीदारी रही, जिससे इसे वॉर की असली जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया.
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर DRDO, सशस्त्र बलों और इस प्रोजेक्ट से जुड़ी इंडस्ट्री को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह मॉर्डन तकनीक से लैस मिसाइल भारत की सेनाओं को हवाई खतरों से निपटने में और ज्यादा मजबूत बनाएगी. उनके मुताबिक, यह सिस्टम भविष्य में देश की सुरक्षा को नई ताकत देगा और स्वदेशी रक्षा तकनीक को भी बड़ा बढ़ावा देगा.
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