लक्ष्य हासिल कर पाने में सफल रही नोटबंदी: वित्त मंत्रालय
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि नवंबर 2016 में उच्च मूल्य वर्ग के नोटों को चलन से हटाए जाने का लक्ष्य काफी हद तक हासिल हुआ है. हालांकि, आरबीआई ने आज जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चलन से हटाए गए 99.3 प्रतिशत नोट बैंकों में वापस आ गए.

नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने कहा है कि नवंबर 2016 में उच्च मूल्य वर्ग के नोटों को चलन से हटाए जाने का लक्ष्य काफी हद तक हासिल हुआ है. हालांकि, आरबीआई ने आज जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चलन से हटाए गए 99.3 प्रतिशत नोट बैंकों में वापस आ गए.
आर्थिक मामलों के सचिव एस सी गर्ग ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि नोटबंदी से कालाधन पर अंकुश, आतंकवादियों को वित्त पोषण, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना तथा नकली नोट को समाप्त करने जैसे मकसद पूरे हुए हैं.
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि नोटबंदी ने अपने उद्देश्य को व्यापक रूप से काफी हद तक हासिल किया है.’’ आरबीआई द्वारा जारी सालाना रिपोर्ट के अनुसार चलन से हटाये गये 500 और 1,000 रुपये के 99.3 प्रतिशत नोट बैंकों में वापस आ गये हैं.’’ सचिव ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि देश में अब कहीं भी नकदी की कमी नहीं है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 को उच्च मूल्य वर्ग के उस समय चलन में रहे नोटों को हटाने की घोषणा की थी. काले धन की समाप्ति और डिजिटल लेन- देन को बढ़ाने के लिए उठाए गए इस कदम से देश भर में एक वित्तीय हलचल पैदा हो गई क्योंकि इसकी कोई पूर्व सूचना लोगों को नहीं दी गई थी.
नोटबंदी की घोषणा के समय 500 और 1,000 रुपये के 15.41 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट चलन में थे. उसमें से 15.31 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट वापस आ गए. इसका मतलब है कि चलन से हटाए गए 10,720 करोड़ रुपये के नोट बैंकों में वापस नहीं आए.
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