'BJP सभी सीटें जीत जाएगी', अभिजीत दीपके की अपील पर क्या बोली TMC
चुनाव बहिष्कार की अभिजीत दीपके की अपील पर डेरेक ओ ब्रायन ने जवाब दिया. जानें दोनों नेताओं ने चुनाव और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर क्या कहा.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके की चुनाव बहिष्कार की अपील पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संयुक्त सचिव डेरेक ओ ब्रायन ने प्रतिक्रिया दी है. दीपके ने विपक्षी दलों से कहा था कि अगर उन्हें लगता है कि चुनावी प्रक्रिया में धांधली हो रही है तो उन्हें ऐसे चुनावों में हिस्सा लेना बंद कर देना चाहिए. इसके जवाब में ओ ब्रायन ने कहा कि विपक्षी दलों को चुनाव लड़ते रहना चाहिए और साथ ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर संघर्ष भी जारी रखना चाहिए.
डेरेक ओ ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अगर विपक्षी दल चुनाव का बहिष्कार करते हैं तो इसका फायदा भाजपा को हो सकता है. उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति में भाजपा सभी सीटें जीत सकती है और बाद में संविधान में बदलाव कर सकती है. यह ओ ब्रायन का राजनीतिक दावा है. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव नहीं लड़ने का असर सिर्फ राजनीतिक दलों पर नहीं पड़ेगा, बल्कि उन कार्यकर्ताओं पर भी पड़ेगा जो जमीन पर पार्टी के लिए काम करते हैं. ओ ब्रायन के मुताबिक, चुनाव में हिस्सा लेना और साथ ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए आवाज उठाना जरूरी है.
Opposition boycotting elections = BJP wins all seats. Once that happens, they amend the Constitution to legalize all their crimes.
— Derek O'Brien | ডেরেক ও'ব্রায়েন (@derekobrienmp) September 25, 2026
Also not contesting elections means betraying the lakhs of workers who are on the ground, fighting with their lives.
That is why it is important…
अभिजीत दीपके ने चुनाव बहिष्कार की क्यों कही बात?
अभिजीत दीपके ने विपक्षी दलों से चुनावों का बहिष्कार करने की अपील की थी. उनका कहना था कि अगर विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हैं और फिर भी लगातार चुनाव में हिस्सा लेते हैं, तो इससे उस व्यवस्था को वैधता मिलने का संदेश जाता है.
दीपके ने सवाल उठाया कि क्या विपक्षी दल इसलिए चुनाव लड़ते रहते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि चुनाव से दूर रहने पर उनका राजनीतिक अस्तित्व खत्म हो सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की चोरी, विधायकों और सांसदों को अपने पाले में करने तथा राजनीतिक दलों में फूट डालने जैसी घटनाओं के बीच चुनाव लड़ने का क्या मतलब रह जाता है.



















