सेना के जवानों को मिलने वाले बुलेट प्रूफ जैकेट में चीन के कच्चे माल का हो रहा इस्तेमाल
राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने के लिए जो कच्चा माल है वह चीन और ताइवान में मिलता है. ये वहीं से आयात किया जाता है. हालांकि उन्होंने ये भी बताया कि जो घरेलु कंपनी जैकेट बना रही है उसे शर्त है कि 30 फीसदी कच्चा माल भारत से ही ले और इस्तेमाल करे.

नई दिल्ली: देश में उपलब्ध बुलेट प्रूफ जैकेट और बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने में चीन के सामान के इस्तेमाल से जुड़ा मुद्दा समाजवादी पार्टी सांसद सुरेंद्र नागर ने उठाया. सुरेंद्र नागर ने राज्यसभा में मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सवाल पूछा कि आखिर चीन से ही क्यों बुलेट प्रूफ जैकेट मंगाई जाती है. इसपर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि जो बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने के लिए कच्चा माल है वह चीन और ताइवान में मिलता है और वहां से आयात किया जाता है. लेकिन यह शर्त होती है कि जो घरेलू कंपनी बुलेट प्रूफ जैकेट बना रही है वह 30 फ़ीसदी कच्चा माल भारत से ही ले और इस्तेमाल करे.
इसके बाद समाजवादी पार्टी सांसद रामगोपाल यादव ने भी देश में हमारी सेना के जवानों के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट की कमी के मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सवाल पूछा. राजनाथ सिंह ने जवाब देते हुए जानकारी दी कि साल 2009 में हमारे देश में जवानों के पास करीबन 3 लाख 64 हज़ार बुलेट प्रूफ जैकेटों की कमी थी हालांकि उसके बाद में उस कमी को पूरा करने के लिए एक आदेश भी जारी किया है. लेकिन वह खरीददारी सालों साल गुजर जाने के बावजूद पूरी नहीं हो पाई. इसके बाद साल 2016 में मोदी सरकार ने एक लाख 86 हज़ार बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदने का आदेश जारी किया और 2018 में एक भारतीय कंपनी के साथ इसको लेकर हस्ताक्षर भी किया जा चुका है.
रक्षा मंत्री ने कहा कि उम्मीद की जा रही है कि अप्रैल 2021 तक हमारे सेना के जवानों को 1 लाख 86 हज़ार बुलेट प्रूफ जैकेट मिल जाएंगी. उम्मीद है कि इस साल के अंत तक करीब 37000 बुलेटप्रूफ जैकेट सेना के जवानों को उपलब्ध करा दी जाएंगी.
Source: IOCL

























