मवेशियों के तस्कर को CBI ने किया गिरफ्तार, भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर सक्रिय था इसका गिरोह
बताया जाता है कि इस गिरोह के तार बीएसएफ के अधिकारियों समेत अनेक बड़े लोगों से भी जुड़े हैं. सीबीआई को आशा है की इस गिरफ्तारी के बाद तस्करी में शामिल कुछ बड़े नामों का खुलासा हो सकता है.

नई दिल्ली: सीबीआई ने राजधानी दिल्ली से मवेशियों के एक बड़े तस्कर इनामुल हक को गिरफ्तार किया है. भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर इनामुल हक का गिरोह काफी सक्रिय बताया जाता है और इसके तार बीएसएफ के अधिकारियों समेत अनेक बड़े लोगों से भी जुड़े बताए जाते हैं. सीबीआई को आशा है की इनामुल हक की गिरफ्तारी के बाद इस तस्करी में शामिल कुछ बड़े नामों का खुलासा हो सकता है.
सीबीआई के एक आला अधिकारी ने बताया के इनामुल हक को एक सूचना के आधार पर आज राजधानी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया. अधिकारी के मुताबिक इस मामले में सीबीआई ने 21 सितंबर 2020 को एक मुकदमा दर्ज किया था यह मुकदमा भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशियों की तस्करी से जुड़ा हुआ था.
सीबीआई ने इस मामले में बीएसएफ की 36 वीं बटालियन की एक पूर्व कमांडेंट समय तीन लोगों को नामजद किया था. 23 सितंबर 2020 को सीबीआई ने इस मामले में एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की थी. जिन जगहों पर छापेमारी की गई उनमें पश्चिम बंगाल के कोलकाता मुर्शिदाबाद यूपी का गाजियाबाद, पंजाब का अमृतसर तथा छत्तीसगढ़ का रायपुर भी शामिल था.
सीबीआई के आला अधिकारी के मुताबिक कमांडेंट सतीश कुमार जिसका नाम इस एफआईर में आया था. वह इस समय छत्तीसगढ़ के रायपुर में तैनात था. आरोप है कि मवेशियों के तस्करों से उसकी गहन मिलीभगत थी और उसके इशारे पर मवेशियों को बॉर्डर पार करने से नहीं रोका जाता था.
ध्यान रहे कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा का जिम्मा बीएसएफ के पास है और इसके पहले भी बीएसएफ के अनेक अधिकारियों पर तस्करों से मिलीभगत के आरोप लगते रहे है.
सीबीआई के आला अधिकारी के मुताबिक इसी मामले से जुड़े हुए लोगों पर सीबीआई ने गुरुवार को कोलकाता में 5 जगहों पर छापेमारी की थी और इनमें दो चार्टर्ड अकाउंटेंटो के ठिकाने भी शामिल थे. सीबीआई को उम्मीद है कि इनामुल हक की गिरफ्तारी के बाद अब इस तस्करी में शामिल बीएसएफ के अधिकारियों, कर्मचारियों समेत अन्य बड़े नामों का भी खुलासा हो सकेगा. सीबीआई इनामुल हक से गहन पूछताछ कर रही है.
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